August 19, 2026

एके-47 फायरिंग के विरोध में तेजस्वी का राजभवन मार्च, डाकबंगला पर तैनात रहा भारी पुलिस बल

  • सीवान की घटना को लेकर जेपी गोलंबर से निकले नेता प्रतिपक्ष, पांच किलोमीटर के मार्च में जुटे बड़ी संख्या में समर्थक
  • सीवान छात्र आंदोलन को लेकर जेपी गोलंबर से निकला पांच किलोमीटर लंबा मार्च
  • तिरंगा लेकर पहुंचे कार्यकर्ता, लकड़ी की एके-47 से किया प्रतीकात्मक विरोध; सरकार से दोषियों के निलंबन की मांग

पटना। सीवान में छात्र आंदोलन के दौरान एके-47 से कथित फायरिंग के मामले को लेकर बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव बुधवार को सड़क पर उतरे। उनके नेतृत्व में राष्ट्रीय जनता दल ने जेपी गोलंबर से राजभवन की ओर करीब पांच किलोमीटर लंबा मार्च निकाला। मार्च में बड़ी संख्या में पार्टी नेता, विधायक, सांसद और कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यकर्ताओं के हाथों में तिरंगा और सरकार के खिलाफ लिखे पोस्टर नजर आए। इस दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। मार्च को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। डाकबंगला चौराहे पर विशेष बैरिकेडिंग की गई और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। सुरक्षा बलों के पास लाठी और इंसास राइफलें थीं। स्थिति पर नजर रखने के लिए वज्र वाहन भी लगाए गए। जेपी गोलंबर से राजभवन और मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने वाले रास्तों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई।
डाकबंगला पर रोकने की तैयारी
अपर पुलिस अधीक्षक विधि-व्यवस्था कृष्ण मुरारी प्रसाद ने पुलिसकर्मियों को प्रदर्शन के दौरान तिरंगे का सम्मान बनाए रखने और आवश्यकता पड़ने पर संयमित तरीके से बल प्रयोग करने का निर्देश दिया। प्रशासन की कोशिश थी कि प्रदर्शनकारियों को डाकबंगला चौराहे पर आगे बढ़ने से रोका जाए। लोकभवन की ओर जाने वाले आर ब्लॉक, नेहरू पथ, सचिवालय और हार्डिंग रोड समेत प्रमुख मार्गों पर भी बैरिकेडिंग की गई थी। लोकभवन और मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई। होटल मौर्या के पीछे वाले गेट के पास दो स्तरों में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी।
लकड़ी की एके-47 लेकर पहुंचे कार्यकर्तामार्च के दौरान कई राजद कार्यकर्ता लकड़ी से बनी एके-47 लेकर पहुंचे। राजद युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष राजेश यादव ने इसे प्रतीकात्मक विरोध बताया। उनका कहना था कि लकड़ी की बंदूक के जरिए कार्यकर्ता नाटकीय तरीके से यह दिखाना चाहते हैं कि सीवान में छात्रों पर कथित रूप से एके-47 से फायरिंग किए जाने का आरोप कितना गंभीर है। कार्यकर्ताओं के पोस्टरों में युवाओं के लिए रोजगार और उनकी मेहनत का उचित मूल्य देने की मांग भी प्रमुखता से दिखाई दी। इस बार मार्च में पार्टी के झंडों की तुलना में तिरंगे को अधिक प्रमुखता दी गई। गांधी मैदान में भी कार्यकर्ताओं को तिरंगा उपलब्ध कराया गया।
मीसा भारती और ओसामा शहाब भी मार्च में शामिल
सीवान के रघुनाथपुर से राजद विधायक ओसामा शहाब अपने समर्थकों के साथ मार्च में पहुंचे। पार्टी की राज्यसभा सदस्य मीसा भारती ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकर्ताओं को निशाना बना रही है। राजद ने इस प्रदर्शन को सीवान की घटना में जवाबदेही तय कराने की मुहिम का हिस्सा बताया है। पार्टी का कहना है कि केवल अधिकारियों का तबादला पर्याप्त नहीं है, बल्कि जिन लोगों की जिम्मेदारी बनती है, उनके खिलाफ निलंबन समेत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
एके-47 फायरिंग को लेकर तेजस्वी के सवाल
तेजस्वी यादव ने मंगलवार को ही सीवान की घटना को लेकर सरकार पर सवाल उठाए थे। उनका सवाल था कि पुलिसकर्मी को एके-47 चलाने की अनुमति किसने दी और प्रदर्शन के दौरान फायरिंग की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने घायल छात्रों से मुलाकात का भी जिक्र किया। तेजस्वी ने केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू के उस कथित बयान पर भी सवाल उठाया, जिसमें गोली नहीं चलने की बात कही गई थी। उनका कहना था कि बिहार सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में एके-47 से फायरिंग किए जाने का उल्लेख है। ऐसे में उन्होंने पूछा कि बिना आदेश के एके-47 से फायरिंग कैसे हुई और इसकी जिम्मेदारी किसकी है।
डीएम-एसपी के तबादले पर भी सरकार को घेरा
सीवान के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को हटाए जाने के मुद्दे पर भी तेजस्वी ने सरकार को घेरा। सरकार ने जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय को हटाकर सामान्य प्रशासन विभाग में पदस्थापन की प्रतीक्षा में रखा है। वहीं पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा को हटाकर भारत सोनी को नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। पूरन कुमार झा को भी फिलहाल नई तैनाती नहीं दी गई है। तेजस्वी का कहना है कि उनकी मांग केवल तबादले की नहीं, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों के निलंबन की है।
लालू की अपील से बढ़ा राजनीतिक उत्साह
राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने मंगलवार को पार्टी कार्यकर्ताओं और युवाओं से मार्च में शामिल होने की अपील की थी। उन्होंने सामाजिक माध्यम पर युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए सरकार पर निशाना साधा था। इसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में मार्च को लेकर उत्साह और बढ़ गया। तेजस्वी यादव का यह मार्च सीवान छात्र आंदोलन के दौरान कथित फायरिंग को लेकर सरकार पर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। राजद निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और छात्रों को न्याय दिलाने की मांग कर रहा है। अब सरकार की ओर से उठाए जाने वाले अगले कदम पर राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर नजर बनी हुई है।

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