बिहार में फिर बदला मौसम, 24 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, उमस से मिली राहत
- पटना समेत कई जिलों में मूसलाधार बारिश से जलजमाव,
- बंगाल की खाड़ी के निम्न दबाव का असर, गंडक के कटाव से बगहा में स्कूल के चार कमरे नदी में समाए
पटना। बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और राज्य के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल गया है। पटना, बेगूसराय, जहानाबाद, आरा, सुपौल और औरंगाबाद समेत कई जिलों में सोमवार और मंगलवार को तेज बारिश हुई। भारतीय मौसम विभाग ने राज्य में अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान जताया है। 19 अगस्त को भी कई इलाकों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र और उससे जुड़े मौसम तंत्र के कारण बिहार समेत पूर्वी भारत में बारिश बढ़ी है। राज्य में बारिश के बावजूद अब तक मानसून की कुल स्थिति सामान्य से काफी पीछे है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार बिहार में अब तक 387.7 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 687.7 मिलीमीटर होनी चाहिए थी। यानी राज्य में अब तक सामान्य से करीब 41 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।
24 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज चेतावनी जारी की है, जबकि पटना समेत कई जिलों के लिए पीली चेतावनी दी गई है। बुधवार को भी बिहार में बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहने की संभावना है। ताजा मौसम पूर्वानुमान के अनुसार राज्य में अगले कुछ दिनों तक मानसूनी गतिविधियां बनी रह सकती हैं। पटना में बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। वहीं, 19 अगस्त को आरा, अररिया, औरंगाबाद, भागलपुर, बोधगया, बक्सर, छपरा, दरभंगा, पूर्वी चंपारण, गया, हाजीपुर, कटिहार, मोतिहारी, मुजफ्फरपुर और नालंदा समेत कई जिलों में बारिश हो सकती है। इस दौरान कुछ इलाकों में करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।
20 अगस्त को आकाशीय बिजली का खतरा
20 अगस्त को दक्षिण बिहार के कई जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। पटना, नालंदा, गया, रोहतास, औरंगाबाद, कैमूर, आरा और बक्सर में तेज बारिश हो सकती है। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। 21 अगस्त को भी राज्य में आंधी, गरज-चमक और बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। हालांकि 17 से 20 अगस्त की तुलना में उस दिन भारी बारिश की चेतावनी कम है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र और मानसूनी हवाओं के कारण पूर्वी भारत में बारिश का दौर बना हुआ है। मौसम तंत्र के बिहार से होकर आगे बढ़ने के दौरान राज्य के कई हिस्सों में तेज बारिश हो सकती है।
40 मिनट की बारिश में पटना हुआ बेहाल
सोमवार को राजधानी पटना में थोड़े समय की तेज बारिश ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। करीब 40 मिनट की बारिश के बाद करबिगहिया समेत कई इलाकों में जलजमाव हो गया। करबिगहिया में सड़क पर करीब तीन फीट तक पानी भरने से लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। पटना के अलावा गया, जमुई, बेतिया, पूर्णिया, सुपौल, कटिहार, खगड़िया, मधेपुरा और किशनगंज में भी बारिश हुई। इससे उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली, लेकिन कई निचले इलाकों में पानी जमा होने से स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ गई।
गंडक के कटाव से स्कूल के चार कमरे नदी में समाए
पश्चिमी चंपारण के बगहा अनुमंडल में बारिश के बीच गंडक नदी का कटाव गंभीर स्थिति में पहुंच गया है। मधुबनी प्रखंड के रेवहिया में राजकीय प्राथमिक विद्यालय के पांच में से चार कमरे नदी में समा गए हैं। अब पैक्स गोदाम पर भी कटाव का खतरा मंडरा रहा है। अनुमंडल पदाधिकारी चांदनी कुमारी ने कटाव स्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। अंचल अधिकारी के अनुसार, अब तक 109 घर नदी में विलीन हो चुके हैं। प्रभावित परिवारों को प्लास्टिक शीट और राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। लगातार कटाव को देखते हुए आसपास रहने वाले लोगों में भी चिंता बढ़ गई है।
बंगाल की खाड़ी का सिस्टम बढ़ा रहा बारिश
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बिहार में बारिश बढ़ने के पीछे बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी और सक्रिय मानसूनी तंत्र प्रमुख कारण हैं। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना मौसम तंत्र पहले दबाव के रूप में मजबूत हुआ और इसके बाद झारखंड तथा आसपास के क्षेत्रों की ओर बढ़ा। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार यह तंत्र बिहार की ओर बढ़ते हुए कमजोर हो सकता है, लेकिन इसके बावजूद पर्याप्त नमी मिलने से बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है
किसानों के लिए राहत, जलजमाव वाले इलाकों में बढ़ी परेशानी
राज्य में सामान्य से कम बारिश के बीच मौजूदा वर्षा किसानों के लिए राहत लेकर आई है। खासकर जिन इलाकों में अब तक बारिश की कमी थी, वहां खेतों को पानी मिलने से खरीफ फसलों को फायदा हो सकता है। दूसरी ओर लगातार तेज बारिश होने पर शहरी क्षेत्रों में जलजमाव और ग्रामीण इलाकों में नदी कटाव की समस्या गंभीर हो सकती है। फिलहाल मौसम विभाग ने लोगों को गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने और आकाशीय बिजली को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है। अगले दो-तीन दिनों में बिहार के मौसम पर सभी की नजर रहेगी, क्योंकि बंगाल की खाड़ी से सक्रिय मौसम तंत्र के कारण बारिश की गतिविधियां अभी थमती नजर नहीं आ रही हैं।


