August 14, 2026

बख्तियारपुर-पटना हाईवे पर कांवड़ियों से भरी बस की क्रेन से टक्कर, दो कांवड़ियों की मौत

  • पंगत होटल के पास शुक्रवार सुबह हुआ भीषण हादसा, एक की मौके पर और दूसरे की पटना में इलाज के दौरान मौत; कई कांवड़िये घायल
  • हादसे के बाद आक्रोशित कांवड़ियों ने हाईवे पर बस खड़ी कर यातायात रोका, करीब दो घंटे लगा जाम; पुलिस ने समझाकर कराया रास्ता साफ

पटना। राजधानी पटना के बख्तियारपुर-पटना उच्चपथ पर शुक्रवार सुबह कांवड़ियों से भरी बस की क्रेन से हुई भीषण टक्कर में दो कांवड़ियों की मौत हो गई। हादसा खुसरुपुर और फतुहा थाना क्षेत्र की सीमा पर पंगत होटल के समीप हुआ। दुर्घटना में एक कांवड़िये की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल दूसरे कांवड़िये ने पटना में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हादसे में कई अन्य लोगों के घायल होने की भी सूचना है। जानकारी के अनुसार, एक बस में करीब 30 कांवड़िये सवार थे। सभी लोग झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में जलाभिषेक के लिए गए थे। वहां से लौटते समय कांवड़ियों का दल राजगीर के रास्ते अपने गृह जिले छपरा की ओर जा रहा था। इसी दौरान शुक्रवार की सुबह बख्तियारपुर-पटना उच्चपथ पर पंगत होटल के पास बस की एक क्रेन से जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि बस में सवार कांवड़ियों के बीच अफरातफरी मच गई। हादसे में छपरा जिले के ग्यासपुर, तेहटी रसुलपुर निवासी 28 वर्षीय शिवपूजन राय की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। बताया गया कि टक्कर के बाद एक कांवड़िया बस से नीचे गिर गया था, जिससे उसकी मौके पर ही जान चली गई। वहीं छपरा के अमनौर थाना क्षेत्र के कासिमपुर गांव निवासी 60 वर्षीय राजदेव सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना भेजा गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। हादसे की जानकारी देते हुए कांवड़िया राकेश कुमार सिंह ने बताया कि सभी लोग बाबा धाम से लौट रहे थे। कांवड़ियों का दल राजगीर के रास्ते छपरा जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में क्रेन ने उनकी बस में टक्कर मार दी। दुर्घटना के बाद कई कांवड़िये घायल हुए। गंभीर रूप से घायल राजदेव सिंह को इलाज के लिए पटना भेजा गया था, लेकिन चिकित्सकों के प्रयास के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। दुर्घटना के बाद कांवड़ियों में आक्रोश फैल गया। गुस्साए कांवड़ियों ने दुर्घटनाग्रस्त बस को सड़क पर ही खड़ा कर दिया और यातायात रोक दिया। देखते ही देखते बख्तियारपुर-पटना उच्चपथ पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। करीब दो घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। सड़क पर जाम लगने के कारण स्थानीय लोगों के साथ दूसरे वाहनों से यात्रा कर रहे यात्रियों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही खुसरुपुर थानाध्यक्ष संजीव कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित कांवड़ियों से बातचीत की और उन्हें समझाकर शांत कराया। पुलिस ने लोगों को आश्वस्त किया कि दुर्घटना की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद कांवड़ियों ने सड़क से बस हटाई और यातायात बहाल कराया गया। पुलिस ने मृतक कांवड़ियों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए पटना भेज दिया है। साथ ही दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्रेन किस स्थिति में सड़क पर थी और बस तथा क्रेन के बीच टक्कर किन परिस्थितियों में हुई। हादसे में घायल अन्य कांवड़ियों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। दुर्घटना के बाद कुछ समय के लिए घटनास्थल पर तनाव की स्थिति बनी रही, लेकिन पुलिस की तत्परता से स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया। यातायात बाधित होने के कारण उच्चपथ पर करीब दो घंटे तक वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और जाम हटवाया। बाबा धाम से लौट रहे कांवड़ियों के साथ हुए इस हादसे ने एक बार फिर व्यस्त उच्चपथों पर भारी वाहनों और निर्माण कार्य से जुड़े वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। हादसे में दो कांवड़ियों की मौत के बाद उनके परिवारों में मातम पसरा है, वहीं घायल कांवड़ियों का इलाज कराया जा रहा है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद दुर्घटना की वास्तविक वजह और जिम्मेदारी की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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