अचानक बुलाई गई सम्राट कैबिनेट की बैठक, विकास और जनकल्याण से जुड़े बड़े फैसलों की उम्मीद

  • निर्धारित कार्यक्रम से पहले सोमवार को होगी मंत्रिमंडल की बैठक, मुख्यमंत्री स्वयं करेंगे अध्यक्षता
  • स्वास्थ्य, शिक्षा, प्रशासनिक सुधार और आधारभूत संरचना से जुड़े प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर

पटना। बिहार सरकार ने एक बार फिर प्रशासनिक और विकासात्मक गतिविधियों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की विशेष बैठक बुलाने का निर्णय लिया है। यह बैठक सोमवार शाम पांच बजे मुख्य सचिवालय स्थित मंत्रिमंडल कक्ष में आयोजित की जाएगी। आमतौर पर राज्य मंत्रिमंडल की बैठक प्रत्येक बुधवार को आयोजित होती है, लेकिन इस बार निर्धारित कार्यक्रम से पहले ही बैठक बुलाए जाने से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, राज्यहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर त्वरित निर्णय लेने की आवश्यकता को देखते हुए यह बैठक आयोजित की जा रही है। माना जा रहा है कि इस बैठक में विकास योजनाओं, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक सुधारों और आधारभूत संरचना से संबंधित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा के बाद निर्णय लिया जा सकता है। बैठक को लेकर राज्य के विभिन्न विभागों ने अपनी-अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। कई विभागों द्वारा प्रस्तावों का प्रारूप पहले ही मंत्रिमंडल सचिवालय को भेजा जा चुका है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि बैठक में जनहित से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लग सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्य सरकार आगामी महीनों में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को तेज करना चाहती है। इसी उद्देश्य से मंत्रिमंडल स्तर पर लंबित प्रस्तावों को शीघ्र स्वीकृति देने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। अचानक बैठक बुलाए जाने को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। इससे पहले हुई मंत्रिमंडल की बैठक में सरकार ने कुल 13 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी थी। उन फैसलों का सीधा लाभ राज्य के लाखों लोगों तक पहुंचने की उम्मीद जताई गई थी। विशेष रूप से बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित निपटारे को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए थे। सरकार ने विद्युत सेवाओं को अधिक पारदर्शी और उपभोक्ता हितैषी बनाने की दिशा में कई सुधारात्मक कदमों को मंजूरी प्रदान की थी। पिछली बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष से जुड़ा माना गया था। सरकार ने इस योजना के लाभार्थियों की आय सीमा में उल्लेखनीय वृद्धि करते हुए इसे ढाई लाख रुपये से बढ़ाकर चार लाख रुपये वार्षिक कर दिया था। इस फैसले का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम आय वर्ग के परिवारों को गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए अधिक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद बड़ी संख्या में मरीजों को उपचार संबंधी आर्थिक सहायता प्राप्त हो सकेगी। इसके अलावा कैमूर जिले के मोहनियां अंचल स्थित दादर मौजा में सात एकड़ सरकारी भूमि पर डेयरी और दुग्ध उत्पादन संयंत्र स्थापित करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई थी। इस परियोजना के माध्यम से स्थानीय स्तर पर दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद व्यक्त की गई थी। कृषि और पशुपालन आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना गया था। राज्य सरकार ने पिछली बैठक में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी पदों की नियुक्ति प्रक्रिया को भी आसान बनाने की दिशा में कदम उठाया था। रिक्त पदों को शीघ्र भरने के लिए भर्ती नियमों में संशोधन को मंजूरी प्रदान की गई थी। इससे महिला एवं बाल विकास योजनाओं के बेहतर संचालन में सहायता मिलने की संभावना जताई गई थी। अब सभी की निगाहें सोमवार को होने वाली मंत्रिमंडल बैठक पर टिकी हुई हैं। प्रशासनिक सूत्रों का मानना है कि सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आधारभूत संरचना, सामाजिक सुरक्षा और ग्रामीण विकास से जुड़े कई प्रस्तावों को मंजूरी दे सकती है। कुछ विभागों द्वारा नई योजनाओं और पुरानी योजनाओं के विस्तार संबंधी प्रस्ताव भी तैयार किए गए हैं। राजनीतिक दृष्टि से भी यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। राज्य सरकार आगामी समय में विकास कार्यों को गति देने और जनहित से जुड़े मुद्दों पर अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित करने के लिए लगातार सक्रिय दिखाई दे रही है। ऐसे में मंत्रिमंडल की यह बैठक कई नई घोषणाओं और नीतिगत निर्णयों का मंच बन सकती है। फिलहाल राज्यभर में इस बैठक को लेकर उत्सुकता बनी हुई है। जनता, प्रशासनिक अधिकारियों और राजनीतिक विश्लेषकों की नजरें मंत्रिमंडल की बैठक से निकलने वाले फैसलों पर टिकी हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में होने वाली इस विशेष बैठक में बिहार के विकास और जनकल्याण के लिए कौन-कौन से नए निर्णय लिए जाते हैं।

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