12 घंटे के लिए ठप रहेंगी बिजली विभाग की ऑनलाइन सेवाएं, उपभोक्ताओं को पहले से तैयारी करने की सलाह
- तकनीकी रखरखाव और प्रणाली उन्नयन के कारण शनिवार शाम से रविवार सुबह तक नहीं मिलेंगी डिजिटल सुविधाएं
- स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं को विशेष सतर्कता बरतने की अपील, समय रहते रिचार्ज और भुगतान पूरा करने का निर्देश
पटना। बिहार के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है। राज्य की दोनों बिजली वितरण कंपनियों ने घोषणा की है कि शनिवार शाम 5 बजे से रविवार सुबह 5 बजे तक बिजली विभाग की सभी ऑनलाइन उपभोक्ता सेवाएं अस्थायी रूप से बंद रहेंगी। इस दौरान बिजली बिल भुगतान, स्मार्ट प्रीपेड मीटर रिचार्ज, नया बिजली कनेक्शन, भार वृद्धि, नाम परिवर्तन, बिल संशोधन, शिकायत निवारण तथा अन्य डिजिटल सेवाओं का लाभ उपभोक्ता नहीं उठा सकेंगे। बिजली विभाग के अनुसार यह निर्णय तकनीकी रखरखाव और प्रणाली उन्नयन के तहत लिया गया है। विभाग का कहना है कि उपभोक्ताओं को भविष्य में अधिक सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल प्रणाली को आधुनिक बनाया जा रहा है। इसी प्रक्रिया के तहत निर्धारित अवधि में ऑनलाइन सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद रखा जाएगा। उत्तर बिहार विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड तथा दक्षिण बिहार विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड द्वारा संयुक्त रूप से यह तकनीकी कार्य कराया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार वर्तमान समय में बिजली सेवाओं का बड़ा हिस्सा डिजिटल माध्यमों पर आधारित हो चुका है। उपभोक्ता बिल भुगतान से लेकर मीटर रिचार्ज और शिकायत दर्ज कराने तक लगभग सभी कार्य ऑनलाइन माध्यम से कर रहे हैं। ऐसे में समय-समय पर डिजिटल प्रणाली का रखरखाव और उन्नयन आवश्यक हो जाता है ताकि सेवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा बनी रहे। अधिकारियों ने बताया कि इस तकनीकी कार्य के दौरान सर्वर, डेटा सुरक्षा प्रणाली और ऑनलाइन सेवा मंचों को और अधिक सक्षम बनाया जाएगा। इसके बाद उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में अधिक बेहतर अनुभव प्राप्त होगा। ऑनलाइन भुगतान प्रक्रिया तेज होगी, शिकायतों के निस्तारण में सुधार आएगा तथा डिजिटल सेवाओं की विश्वसनीयता भी बढ़ेगी। हालांकि इस 12 घंटे की अवधि के दौरान सबसे अधिक प्रभाव स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। वर्तमान में बड़ी संख्या में उपभोक्ता प्रीपेड मीटर प्रणाली का उपयोग कर रहे हैं, जिसमें बिजली उपयोग के लिए पहले से राशि जमा करनी होती है। यदि किसी उपभोक्ता के मीटर में पर्याप्त शेष राशि नहीं होगी तो वह निर्धारित अवधि में ऑनलाइन रिचार्ज नहीं कर सकेगा। ऐसी स्थिति में बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका भी बनी रह सकती है। इसी कारण बिजली विभाग ने विशेष रूप से स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे निर्धारित समय से पहले अपने मीटर की शेष राशि की जांच कर लें और आवश्यकता होने पर समय रहते रिचार्ज करा लें। विभाग का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी उपभोक्ताओं को संभावित असुविधा से बचा सकती है। बिजली विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल ऑनलाइन सेवाएं प्रभावित रहेंगी। विद्युत आपूर्ति व्यवस्था सामान्य रूप से जारी रहेगी और उपभोक्ताओं को बिजली मिलने में कोई बाधा नहीं आएगी। यह तकनीकी कार्य केवल डिजिटल मंचों और उपभोक्ता सेवाओं से संबंधित है। इसलिए आम लोगों को बिजली कटौती जैसी किसी समस्या की आशंका नहीं रखनी चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान दौर में डिजिटल सेवाओं की सुरक्षा और क्षमता बढ़ाना अत्यंत आवश्यक हो गया है। बढ़ती ऑनलाइन गतिविधियों और साइबर सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए समय-समय पर प्रणाली उन्नयन करना आवश्यक होता है। इससे उपभोक्ताओं का डेटा सुरक्षित रहता है और सेवाओं की गुणवत्ता भी बेहतर होती है। विभागीय अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से आग्रह किया है कि वे घबराएं नहीं और निर्धारित समय से पहले अपने सभी आवश्यक कार्य पूरे कर लें। जिन उपभोक्ताओं को बिजली बिल जमा करना है, नया कनेक्शन लेना है, भार बढ़ाने के लिए आवेदन करना है या किसी प्रकार का संशोधन कराना है, वे शनिवार शाम 5 बजे से पहले यह प्रक्रिया पूरी कर लें। बिजली कंपनियों का कहना है कि यह अस्थायी असुविधा भविष्य में बेहतर सुविधा प्रदान करने की दिशा में उठाया गया कदम है। तकनीकी कार्य पूरा होने के बाद उपभोक्ताओं को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और सुगम डिजिटल सेवाओं का लाभ मिलेगा। विभाग को उम्मीद है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद ऑनलाइन लेन-देन और उपभोक्ता सेवाओं की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा। बिहार के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए यह सूचना महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विभाग ने एक बार फिर सभी उपभोक्ताओं से समय रहते आवश्यक भुगतान, मीटर रिचार्ज और अन्य ऑनलाइन कार्य पूरा करने की अपील की है, ताकि सेवा बंद रहने की अवधि में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।


