September 13, 2026

पटना में घाट पर हथियारबंद बदमाशों का धावा, फायरिंग कर 1.80 लाख रुपये और मोबाइल लूटे

  • देर रात चालान कार्यालय को घेरकर मचाया आतंक, विरोध करने पर दो कर्मचारियों को बेरहमी से पीटा
  • घटना को लेकर पुलिस जांच में जुटी, सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे; मामला संदिग्ध होने की भी आशंका

पटना। राजधानी पटना के बिहटा थाना क्षेत्र स्थित महुआर गांव के बालू घाट पर गुरुवार देर रात हथियारबंद नकाबपोश अपराधियों ने दुस्साहसिक वारदात को अंजाम देकर इलाके में दहशत फैला दी। एक दर्जन से अधिक बदमाशों ने बालू घाट के चालान कार्यालय पर हमला कर अंधाधुंध हवाई फायरिंग की, कर्मचारियों के साथ मारपीट की और लगभग एक लाख अस्सी हजार रुपये नकद के साथ चार मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए। इस घटना में दो कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए पटना भेजा गया है। घटना गुरुवार की देर रात लगभग पौने दो बजे से दो बजे के बीच की बताई जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार महुआर बालू घाट के चालान कार्यालय में रात के समय नियमित कार्य चल रहा था। इसी दौरान अचानक कई नकाबपोश अपराधी हथियारों से लैस होकर वहां पहुंचे और कार्यालय परिसर को चारों ओर से घेर लिया। अपराधियों का उद्देश्य पहले कर्मचारियों और आसपास मौजूद लोगों के बीच भय का वातावरण बनाना था। इसके लिए उन्होंने लगातार हवाई फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलीबारी से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग भयभीत हो गए और सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अपराधियों की संख्या काफी अधिक थी और सभी संगठित तरीके से वारदात को अंजाम दे रहे थे। हवाई फायरिंग के बाद लगभग आधा दर्जन अपराधी जबरन चालान कार्यालय के भीतर घुस गए। उस समय कार्यालय में ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारी उमेश कुमार और नवलेश कुमार ने विरोध करने की कोशिश की। कर्मचारियों के विरोध से नाराज अपराधियों ने उनके साथ बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी। बताया जाता है कि बदमाशों ने लाठी-डंडों तथा हथियारों के बट से दोनों कर्मचारियों पर हमला किया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। मारपीट के बाद अपराधियों ने दोनों कर्मचारियों को बंधक बना लिया और कार्यालय में रखी नकदी तथा अन्य सामान की तलाश शुरू कर दी। इसी दौरान उन्हें एक बैग में रखे एक लाख अस्सी हजार रुपये नकद मिले, जिसे वे अपने साथ ले गए। इसके अलावा कर्मचारियों के चार मोबाइल फोन भी छीन लिए गए। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। पूरी घटना कुछ ही मिनटों में घटित हो गई। अपराधियों के जाने के बाद स्थानीय लोगों ने घायल कर्मचारियों को अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर उपचार के लिए पटना रेफर कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस सक्रिय हुई और मामले की जांच शुरू कर दी गई। हालांकि इस मामले में शुक्रवार देर शाम थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने विभिन्न पहलुओं पर जांच प्रारंभ कर दी है। बिहटा थाना प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि घटना की सूचना प्राप्त हुई है और पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला कुछ संदिग्ध प्रतीत हो रहा है, इसलिए सभी बिंदुओं पर गहन पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि घटना वास्तव में किस परिस्थिति में हुई और इसके पीछे कौन लोग शामिल हो सकते हैं। थाना प्रभारी के अनुसार आसपास लगे निगरानी कैमरों के दृश्य रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि कैमरों में दर्ज तस्वीरों और वीडियो के आधार पर अपराधियों की पहचान करने में मदद मिलेगी। साथ ही घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों को भी एकत्र कर वैज्ञानिक तरीके से जांच की जा रही है। इस घटना के बाद बालू घाट से जुड़े कर्मचारियों और स्थानीय लोगों में भय का माहौल है। लोगों का कहना है कि देर रात इतनी बड़ी वारदात का होना कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। वहीं कई लोगों ने बालू घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग भी उठाई है। फिलहाल पुलिस अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्रवाई कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा और घटना में शामिल लोगों को कानून के दायरे में लाया जाएगा। दूसरी ओर घायल कर्मचारियों का इलाज जारी है और उनके स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जा रही है। पूरे मामले को लेकर स्थानीय प्रशासन भी सतर्क है और जांच की प्रगति पर नजर बनाए हुए है।

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