डायन बताकर महिला और परिवार पर हमला, बाढ़ में अंधविश्वास के नाम पर हिंसा से दहशत

  • मंदिर से लौट रही महिला पर लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हमला, पति, बेटी और दामाद भी घायल
  • पड़ोसी महिला की मौत के बाद लगाया गया टोना-टोटका का आरोप, पुलिस ने शुरू की जांच

पटना। पटना जिले के बाढ़ थाना क्षेत्र स्थित राणाबीघा गांव में अंधविश्वास और सामाजिक कुरीतियों से जुड़ी एक गंभीर घटना सामने आई है। डायन-बिसाही का आरोप लगाकर एक महिला और उसके परिवार के सदस्यों पर जानलेवा हमला किए जाने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। इस घटना ने एक बार फिर समाज में व्याप्त अंधविश्वास और उससे उत्पन्न होने वाली हिंसक घटनाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घायल महिला का इलाज बाढ़ अनुमंडलीय अस्पताल में चल रहा है, जबकि पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। जानकारी के अनुसार, घटना गुरुवार देर रात की है। पीड़ित महिला मधु देवी मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद अपने घर लौट रही थीं। इसी दौरान गांव के कुछ लोगों ने उन्हें रास्ते में घेर लिया और उन पर हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावर लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से लैस थे तथा उन्होंने महिला के साथ बेरहमी से मारपीट की। अचानक हुए इस हमले से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मधु देवी को पिटता देख उनकी बेटी गुड़िया और परिवार के अन्य सदस्य उन्हें बचाने के लिए मौके पर पहुंचे। लेकिन हमलावरों ने उनके साथ भी मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान महिला के पति मिथिलेश सिंह, बेटी और दामाद को भी गंभीर चोटें आईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों ने परिवार के सभी सदस्यों को निशाना बनाते हुए जमकर पिटाई की और बाद में जान से मारने की धमकी देकर वहां से फरार हो गए। घटना के पीछे एक पड़ोसी महिला की मौत को कारण बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ दिनों पहले गांव की एक महिला की बीमारी के कारण मृत्यु हो गई थी। मृतका के पति मनोरंजन सिंह ने मधु देवी पर टोना-टोटका करने और उनकी पत्नी की मौत के लिए जिम्मेदार होने का आरोप लगाया। इसी आरोप के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया था। पीड़ित परिवार का कहना है कि इसी अंधविश्वास के आधार पर उनके साथ यह हिंसक घटना की गई। मधु देवी ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उनके पड़ोसी नागो सिंह और गणेश सिंह सहित कुछ अन्य लोगों ने उन पर हमला किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ वर्ष पहले उनकी जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया गया था और तब से उनका परिवार लगातार प्रताड़ना का शिकार हो रहा है। उनके अनुसार, जमीन विवाद और व्यक्तिगत दुश्मनी को अंधविश्वास का रूप देकर उन्हें परेशान किया जा रहा है। घटना के बाद घायल परिवार को स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है। चिकित्सकों के अनुसार कुछ घायलों को गंभीर चोटें आई हैं, हालांकि सभी की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही बाढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले में डायन-बिसाही का आरोप लगाकर हमला करने, मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने जैसी धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी अभियान भी शुरू कर दिया गया है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि कानून बनने के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी डायन-बिसाही जैसी कुप्रथाएं पूरी तरह समाप्त नहीं हो सकी हैं। कई बार व्यक्तिगत विवाद, संपत्ति संबंधी झगड़े या आपसी रंजिश को अंधविश्वास का रूप देकर महिलाओं को निशाना बनाया जाता है। ऐसी घटनाएं न केवल मानवाधिकारों का उल्लंघन हैं, बल्कि समाज में भय और असुरक्षा का वातावरण भी पैदा करती हैं। यह घटना एक बार फिर इस आवश्यकता को रेखांकित करती है कि समाज में जागरूकता बढ़ाई जाए और अंधविश्वास के खिलाफ सख्त सामाजिक तथा कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। फिलहाल ग्रामीणों की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं और लोग आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कानून के अनुसार दंडित किया जाएगा।

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