केरल पहुंचा दक्षिण-पश्चिम मानसून, 18 राज्यों में भारी बारिश और तेज आंधी का अलर्ट

  • मौसम विभाग ने दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की, कई क्षेत्रों में 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक चल सकती हैं हवाएं
  • बिहार, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में मौसम का दोहरा असर, कहीं बारिश तो कहीं लू की आशंका

नई दिल्ली। देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून की औपचारिक शुरुआत हो चुकी है। मानसून ने केरल में दस्तक दे दी है और अब यह तेजी से देश के अन्य हिस्सों की ओर बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार अगले दो से तीन दिनों के भीतर मानसून कर्नाटक, तमिलनाडु, गोवा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश तथा पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों तक पहुंच सकता है। मानसून के सक्रिय होने के साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम का मिजाज तेजी से बदलने लगा है। मौसम विभाग ने 5 जून को देश के 18 राज्यों के लिए भारी बारिश, तेज आंधी और गरज-चमक की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार कई स्थानों पर 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। विशेष रूप से दक्षिण भारत के राज्यों में मौसम का प्रभाव अधिक देखने को मिलेगा, जहां अगले कुछ दिनों तक लगातार वर्षा होने की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार केरल और कर्नाटक में आगामी सात दिनों तक भारी से अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है। तमिलनाडु के कई क्षेत्रों में भी तेज बारिश का अनुमान है। मानसून की सक्रियता बढ़ने के कारण नदियों और जलाशयों के जलस्तर में वृद्धि की संभावना है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड तथा अन्य पहाड़ी राज्यों में अगले पांच से छह दिनों तक लगातार वर्षा होने की संभावना है। इन क्षेत्रों में भूस्खलन और जलभराव जैसी समस्याओं की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम विभाग ने बताया कि अगले दो से तीन दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत, पूर्वी भारत और दक्षिण भारत के अनेक क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है। कई इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। वहीं दूसरी ओर बिहार और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में लू की स्थिति बने रहने की संभावना भी व्यक्त की गई है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गुरुवार को दिनभर बादल छाए रहने का अनुमान है। सुबह से दोपहर के बीच हल्की से मध्यम वर्षा और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। तेज हवाओं के कारण तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक दिल्ली में तापमान सामान्य से एक से दो डिग्री सेल्सियस कम रहने की संभावना है। उत्तर प्रदेश में भी मौसम तेजी से बदल रहा है। मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, गाजियाबाद, नोएडा, लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, अयोध्या और बस्ती सहित अनेक जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तेज हवाओं और वर्षा का प्रभाव अधिक रहेगा। हालांकि पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में आगामी दिनों में लू चलने की चेतावनी भी जारी की गई है। बिहार में भी मौसम का मिला-जुला प्रभाव देखने को मिल रहा है। बांका, जमुई, मुंगेर और भागलपुर जिलों में आंधी, बारिश और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की अपील की है। राजस्थान के जयपुर, अलवर, भरतपुर, कोटा, जोधपुर, बीकानेर, जैसलमेर और बाड़मेर सहित कई जिलों में आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है। यहां तेज हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में भी गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना को देखते हुए पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में खराब मौसम की चेतावनी जारी करते हुए मछुआरों को 9 जून तक समुद्र में न जाने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की यह सक्रियता कृषि क्षेत्र के लिए लाभकारी साबित हो सकती है, लेकिन इसके साथ ही प्राकृतिक आपदाओं और मौसम संबंधी चुनौतियों के प्रति सतर्क रहना भी आवश्यक होगा।

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