September 15, 2026

पटना मेट्रो निर्माण से चिड़ियाघर पर असर, तीन साल तक विजिटर्स को होगी परेशानी

  • सबसे लंबा भूमिगत स्टेशन बनेगा जू के पास, गेट नंबर 1 का बड़ा हिस्सा रहेगा बंद
  • यातायात में बदलाव और गेट नंबर 2 का विस्तार, सुविधाओं के उन्नयन की तैयारी

पटना। बिहार की राजधानी पटना में मेट्रो परियोजना का विस्तार तेजी से हो रहा है, लेकिन इसके साथ ही शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर इसका प्रभाव भी देखने को मिलने लगा है। पटना जू के पास बनने जा रहे मेट्रो के सबसे लंबे भूमिगत स्टेशन के कारण आने वाले वर्षों में यहां आने वाले लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। मेट्रो परियोजना के तहत चिड़ियाघर के समीप एक बड़ा भूमिगत स्टेशन बनाया जाना है, जिसके लिए मिट्टी परीक्षण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। अब निर्माण कार्य जल्द ही शुरू होने वाला है। अधिकारियों के अनुसार, यह स्टेशन जमीन से लगभग 17 मीटर नीचे और करीब 355 मीटर लंबा होगा, जो पूरे मेट्रो नेटवर्क का सबसे लंबा भूमिगत स्टेशन माना जाएगा। जू प्रशासन के मुताबिक, इस निर्माण कार्य का सबसे ज्यादा असर गेट नंबर 1 पर पड़ेगा, जहां वर्तमान में सबसे अधिक पर्यटक आते हैं। यहां तीन टिकट काउंटर हैं, जो लगभग 38 मीटर क्षेत्र में फैले हुए हैं। मेट्रो निर्माण के कारण यह क्षेत्र घटकर मात्र चार मीटर रह जाएगा, जिससे लगभग 34 मीटर क्षेत्र अवरुद्ध हो जाएगा। इस कारण टिकट लेने के लिए कतार लगाने की जगह भी काफी कम हो जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि यह स्थिति लगभग तीन वर्षों तक बनी रह सकती है। इस दौरान गेट नंबर 1 के आसपास लगातार निर्माण कार्य होने के कारण लोगों की आवाजाही प्रभावित होगी। साथ ही यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किया जा सकता है। संभावना है कि इस क्षेत्र में एकतरफा यातायात लागू किया जाए और एयरपोर्ट की दिशा से आने वाले वाहनों को अन्य मार्गों पर मोड़ दिया जाए। इस स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने गेट नंबर 2 को विकसित करने की योजना बनाई है। वर्तमान में इस गेट पर केवल दो टिकट काउंटर हैं, लेकिन आने वाले समय में यहां आगंतुकों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए काउंटरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा गेट नंबर 2 का डिजाइन भी बदला जाएगा, ताकि पर्याप्त स्थान उपलब्ध हो सके और लोगों को आने-जाने में किसी प्रकार की असुविधा न हो। जू प्रशासन ने बताया कि हाल ही में मेट्रो निर्माण कंपनी के साथ बैठक हुई थी, जिसमें परियोजना का नक्शा प्रस्तुत किया गया। इसके बाद ही यह स्पष्ट हुआ कि निर्माण कार्य का प्रभाव जू के प्रवेश द्वार पर पड़ेगा। इसी के मद्देनजर दोनों गेटों के पुनर्निर्माण और सुधार का निर्णय लिया गया है। नई योजना के तहत गेट नंबर 1 और 2 का नवीनीकरण किया जाएगा। इसमें टिकट काउंटर, प्रवेश द्वार, स्मृति चिन्ह की दुकान और सामान रखने के कक्ष जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे निर्माण कार्य के दौरान भी आगंतुकों को बेहतर सुविधा देने का प्रयास किया जाएगा। प्रस्तावित मेट्रो स्टेशन की संरचना भी विशेष होगी। यह दो मंजिला होगा, जिसमें पहले तल पर टिकट काउंटर, एस्केलेटर और लिफ्ट जैसी सुविधाएं होंगी। दूसरे तल पर प्लेटफॉर्म बनाया जाएगा, जहां से यात्री अप और डाउन लाइन की मेट्रो सेवाओं का उपयोग कर सकेंगे। इसके अलावा यहां पटरियों के बदलने के लिए विशेष क्रॉसओवर की व्यवस्था भी की जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना से दीर्घकाल में शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार होगा, लेकिन निर्माण के दौरान अस्थायी परेशानियां झेलनी पड़ सकती हैं। ऐसे में प्रशासन और नागरिकों के बीच समन्वय आवश्यक होगा। पटना मेट्रो का यह विस्तार शहर के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन इसके साथ ही चिड़ियाघर आने वाले लोगों के लिए कुछ समय तक असुविधा की स्थिति बनी रह सकती है। आने वाले वर्षों में यह परियोजना शहर के परिवहन ढांचे को नई दिशा देने में सहायक सिद्ध हो सकती है।

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