बिहार में जल नल योजना ने ली मासूम की जान, कौन है इसका जिम्मेवार
खगड़िया। बिहार में नल-जल योजना अंतर्गत बनाए गए बोरवेल ने एक मासूम की जान ले ली। खगड़िया जिला के परबत्ता प्रखंड स्थित खजरैठा पंचायत के शहरबन्ना गांव में बुधवार सुबह बोरवेल में गिरने से आठ वर्षीया बच्ची जिज्ञासा की मौत हो गई। वह ब्रजेश शर्मा की पुत्री थी। स्वजनों ने काम करा रहे संवेदक की लापरवाही को घटना का कारण बताया है। इस घटना के बाबत खगड़िया के डीएम आलोक रंजन घोष ने बताया कि पीएचईडी से जानकारी मांगी गई है। शोकॉज पूछा जा रहा है। जांच रिपोर्ट आने बाद संबंधित संवेदक पर कार्रवाई होगी। वहीं खगड़िया के पीएचईडी विभाग के कार्यपालक अभियंता संतोष कुमार ने बताया कि किसकी लापरवाही से इतनी बड़ी घटना घटी, इसकी जांच की जा रही है। रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी।
जानकारी के अनुसार सुबह 6.30 बजे के आसपास जिज्ञासा शौच के लिए निकली थी। इस दौरान अपने घर के सामने बने बोरवेल में वह गिर गयी। इसके बाद आसपास लोग जमा हो गए। सूचना पर भरतखंड ओपी प्रभारी मनोज कुमार भी पहुंचे। जेसीबी मंगाई गई। ग्रामीणों के अथक प्रयास से डेढ़ घंटे के बाद बच्ची को निकाला गया। बच्ची बेहोश थी, लेकिन परबत्ता पीएचसी ले जाने के दौरान बच्ची की मौत हो गई। पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि उन्हें सुबह 08.10 बजे घटना की सूचना मिली। इसके बाद वह गांव आ रहे थे, लेकिन लोगों ने सूचना दी कि वह बच्ची को लेकर अस्पताल आ रहे हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया है।
खजरैठा मुखिया मनोरमा कुमारी ने बताया कि नल-जल योजना के तहत ब्रजेश शर्मा के घर के पास संवेदक ने दो माह पूर्व बोरवेल बनाया था। इसके असफल होने के बाद यहां से कुछ दूरी पर दूसरा बोरवेल बनाया गया। पूर्व के बोरवेल को ठीक से ढका नहीं गया, सिर्फ मिट्टी डालकर छोड़ दी गई। बारिश होने के कारण मिट्टी हट गई। बोरवेल में बारिश का पानी भी जमा था। बता दें पटना के फतुहा में भी कुछ दिनों पूर्व एक नाली में गिरने से एक मासूम की जान चली गई थी। यहां नाली-गली योजना अंतर्गत उक्त नाली बनायी गयी थी लेकिन जगह-जगह पर ही नाली को ढ़का गया था।


