बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट यात्रा : चिराग ने एक बार में गिनाएं बिहार सरकार की कमियां
मधुबनी। बिहार के मधुबनी नगर परिषद के विवाह भवन में बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट रैली को संबोधित करते हुए लोक जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व जमुई सांसद चिराग पासवान ने फिर से दोहराते हुए कहा है कि आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में किसी के आशीर्वाद से कोई पार्टी का प्रत्याशी नहीं बनेगा। संभावित प्रत्याशियों को तीन मापदंडों को पूरा करना होगा।
उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था काफी सुदृढ़ रहने के बाद भी बिहार शिक्षा के विकास में पिछड़ गया है। बिहार के विकास की बात की जा रही है। मगर आजादी के देश के विभिन्न राज्यों के विकास की तुलना में बिहार का विकास नहीं हो सका है। बिहार का समुचित विकास होता तोे बिहार से पलायन रुक जाता। मगर, रोजगार के लिए आज भी बिहार से पलायन जारी है। उन्होंने अपराध को लेकर कहा कि बिहार में अपराध पर काबू पाने की कोशिश कारगर नहीं हो रहा है। अपराध को रोकने के लिए जारी डायल 100 नंबर काम नहीं कर रहा है। बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों के थानों में महिला पुलिस की भारी कमी बनी है। उन्होंने बिहार के नियोजित शिक्षकों की मांग को जायज बताते हुए कहा कि उनकी मांगों को पूरा किया जाना चाहिए। शिक्षकों के नियोजन की प्रक्रिया पर रोक लाते हुए बहाली प्रक्रिया को अपनाना चाहिए। बिहार में स्वास्थ्य सेवा की स्थित चरमरा चुकी है। स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों की भारी कमी बनी है।
श्री चिराग ने कहा कि चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को जमीन से जुड़कर लोगों के साथ पार्टी की मजबूती के लिए कार्य करना होगा। लोजपा के संभावित प्रत्याशियों को विधानसभा स्तर पर 25 हजार सदस्य बनाने होगें। विधानसभा का अपना घोषणा पत्र तैयार करना होगा। इसमें हरेक बूथ की समस्याओं की चर्चा होगी। 14 अप्रैल का पटना में पार्टी रैली में घोषणा पत्र जारी किया जाएगा। बिहार के पिछड़ेपन को दूर करने के लिए लोजपा आम लोगों से सुझाव ले रही है। उन सुझावों को लोजपा अपने घोषण पत्र में शामिल करेगी।


