पटना के गांधी घाट पर दर्दनाक हादसा, गंगा स्नान के दौरान तीन लोगों की डूबने से मौत
- नदी में नहाने गए चार युवक गहरे पानी में फंसे, एक किशोर अब भी लापता
- दो छात्रों समेत तीन शव बरामद, बचाने कूदे युवक की भी गई जान; तलाश में जुटी राहत एवं बचाव टीम
पटना। राजधानी पटना में गंगा स्नान के दौरान मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। राजधानी के गांधी घाट पर स्नान करने गए चार लोग गहरे पानी में डूब गए, जिनमें से तीन की मौत हो गई, जबकि एक किशोर अब भी लापता बताया जा रहा है। घटना के बाद घाट पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों और पुलिस ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। घटना के बाद मृतकों के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। यह हादसा पीरबहोर थाना क्षेत्र स्थित गांधी घाट पर सुबह करीब आठ बजे हुआ। मृतकों में कदमकुआं दरियापुर निवासी 35 वर्षीय चंदन कुमार, 15 वर्षीय अमित और एक अज्ञात व्यक्ति शामिल हैं। वहीं कंकड़बाग आरएलएमएस कॉलोनी निवासी 17 वर्षीय जॉय अब भी लापता है, जिसकी तलाश जारी है। बताया जा रहा है कि सभी युवक गंगा स्नान के लिए घाट पर पहुंचे थे। स्नान के दौरान वे धीरे-धीरे गहरे पानी की ओर चले गए और फिर हादसे का शिकार हो गए। घटना के संबंध में मृतक अमित के पिता रंजीत कुमार ने बताया कि उनका बेटा अमित, भतीजा जॉय और उनके कुछ दोस्त सुबह घर से बिना बताए साइकिल लेकर निकल गए थे। बाद में जानकारी मिली कि सभी गांधी घाट पर स्नान करने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि अमित और जॉय दोनों नौवीं कक्षा के छात्र थे। रंजीत कुमार ने कहा कि उनका बेटा पानी में जाने से डरता था, लेकिन दोस्तों के कहने पर वह नदी में उतर गया। स्थानीय लोगों के अनुसार युवक पहले घाट के किनारे स्नान कर रहे थे, लेकिन कुछ देर बाद वे गहरे पानी में चले गए। अचानक सभी डूबने लगे और मदद के लिए चिल्लाने लगे। घाट पर मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया। इसी दौरान एक युवक ने साहस दिखाते हुए डूब रहे लड़कों को बचाने के लिए गंगा में छलांग लगा दी, लेकिन वह भी पानी की तेज धारा में फंस गया और उसकी मौत हो गई। घटनास्थल पर मौजूद स्थानीय निवासी बिरजू ने बताया कि चारों युवक नहा रहे थे। इसी दौरान अचानक वे डूबने लगे। लोगों ने शोर मचाया और मदद के लिए दौड़े। एक युवक ने बहादुरी दिखाते हुए नदी में छलांग लगाई, लेकिन वह खुद भी डूब गया। इस हादसे ने वहां मौजूद सभी लोगों को झकझोर कर रख दिया। एक अन्य स्थानीय युवक विक्रम ने बताया कि उसने खुद तीन लोगों को नदी से बाहर निकाला। हालांकि तब तक उनकी हालत गंभीर हो चुकी थी। बाद में डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। एक किशोर अब भी लापता है, जिसकी तलाश लगातार जारी है। घटना की सूचना मिलते ही पीरबहोर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू कराया। पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय गोताखोरों और राहत एवं बचाव दल की मदद से लापता किशोर की तलाश शुरू कर दी। पीरबहोर थाना के दारोगा पुष्पेंद्र ओझा ने बताया कि स्नान के दौरान यह हादसा हुआ है। एक किशोर अभी लापता है और उसकी खोज के लिए राज्य आपदा मोचन बल की टीम लगातार अभियान चला रही है। घटना के बाद गांधी घाट पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई। मृतकों के परिजन घाट और अस्पताल के बीच बदहवास हालत में दौड़ते रहे। अस्पताल परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। खासकर किशोर अमित की मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। इलाके में मातम का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि गंगा घाटों पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं होने के कारण अक्सर इस तरह के हादसे होते रहते हैं। कई जगहों पर गहरे पानी की चेतावनी भी स्पष्ट रूप से नहीं दी जाती, जिससे लोग अनजाने में खतरे वाले हिस्सों में चले जाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि नदी में स्नान के दौरान सावधानी बेहद जरूरी है। खासकर बच्चों और किशोरों को बिना निगरानी के गहरे पानी में नहीं जाने देना चाहिए। प्रशासन की ओर से भी लोगों से अपील की गई है कि वे घाटों पर सतर्क रहें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। वहीं लापता किशोर जॉय की तलाश जारी है। परिवार के लोग अब भी उसकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए हुए हैं, जबकि पूरे इलाके में इस दर्दनाक हादसे को लेकर शोक और चिंता का माहौल बना हुआ है।


