बिहार में बढ़ा लू का खतरा, 18 जिलों के लिए चेतावनी जारी, 8 जून को सबसे गर्म दिन रहने का अनुमान
- दक्षिण और पश्चिम बिहार में तापमान 45 डिग्री तक पहुंचने की आशंका, कई जिलों में लू का अलर्ट
- सीमांचल-कोसी क्षेत्र में आंधी, बारिश और वज्रपात की संभावना, मौसम विभाग ने सतर्क रहने की दी सलाह
पटना। बिहार में एक बार फिर भीषण गर्मी और लू का प्रकोप बढ़ने लगा है। मौसम विभाग ने गुरुवार को राज्य के कई जिलों के लिए लू और अत्यधिक गर्म मौसम को लेकर चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार दक्षिण और पश्चिम बिहार के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक तापमान लगातार बढ़ेगा, जबकि सीमांचल और कोसी क्षेत्र के कुछ जिलों में आंधी, बारिश और वज्रपात की स्थिति बनी रह सकती है। मौसम के इस दोहरे स्वरूप ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने बक्सर, भोजपुर, कैमूर, गया और रोहतास सहित छह जिलों के लिए लू का पीला सतर्कता संकेत जारी किया है। इन जिलों में अधिकतम तापमान 38 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान समय में पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी दिशा से गर्म हवाएं बिहार की ओर बढ़ रही हैं। इसके साथ ही तेज धूप और शुष्क वातावरण के कारण दिन का तापमान लगातार ऊपर जा रहा है। पिछले 24 घंटों के दौरान बक्सर राज्य का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कैमूर, रोहतास, भोजपुर और गया जैसे जिलों में भी तापमान सामान्य से अधिक रिकॉर्ड किया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में गर्मी और अधिक तीव्र हो सकती है। मौसम विभाग ने पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, बक्सर, भोजपुर, पटना, बेगूसराय, अरवल, जहानाबाद, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, गया तथा नवादा सहित 18 जिलों में भीषण लू की आशंका जताई है। इन क्षेत्रों में दोपहर के समय गर्म पछुआ हवाएं चल सकती हैं, जिससे लोगों को वास्तविक तापमान से कहीं अधिक गर्मी का अनुभव होगा। राजधानी पटना में भी उमस भरी गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। मौसम विभाग के अनुसार पटना में अधिकतम तापमान 39 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं का असर रहेगा। हालांकि शाम के समय हल्के बादल छाने की संभावना है, जिससे कुछ हद तक राहत मिल सकती है। इसके विपरीत सीमांचल और कोसी क्षेत्र के जिलों में मौसम का अलग ही स्वरूप देखने को मिल सकता है। सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया और कटिहार में आंधी, बारिश तथा गरज-चमक के साथ वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी युक्त हवाओं के कारण इन क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर बादल बन रहे हैं, जिससे वर्षा और तेज हवा की संभावना बनी हुई है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिला-जुला प्रभाव देखने को मिलेगा। जहां एक ओर दक्षिण और पश्चिम बिहार के लोग भीषण गर्मी और लू से जूझेंगे, वहीं दूसरी ओर सीमांचल और कोसी क्षेत्र के लोगों को आंधी और बारिश का सामना करना पड़ सकता है। इस स्थिति में लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने विशेष रूप से दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचने की अपील की है। अत्यधिक गर्मी के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के और सूती कपड़े पहनने तथा धूप से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने के लिए कहा गया है। विशेषज्ञों के अनुसार 8 जून इस मौसम का सबसे गर्म दिन साबित हो सकता है। इस दिन राज्य के कुछ हिस्सों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। यदि ऐसा होता है तो यह इस वर्ष का सबसे गर्म दौर होगा। लगातार बढ़ती गर्मी को देखते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क हो गए हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून के आगमन तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में गर्मी का प्रभाव बना रह सकता है। हालांकि समय-समय पर होने वाली प्री-मानसूनी बारिश कुछ क्षेत्रों को राहत दे सकती है। फिलहाल बिहार के लोगों को आने वाले दिनों में गर्मी और बदलते मौसम दोनों के लिए तैयार रहने की आवश्यकता है।


