प्रदेश में प्रचंड गर्मी का कहर, पटना में तापमान 41 डिग्री के पार, दोपहर में घरों से ना निकले बाहर

  • डेहरी बना राज्य का सबसे गर्म स्थान, तापमान 43.2 डिग्री पहुंचा
  • बक्सर में दस छात्र बेहोश, पटना में पांचवीं तक के विद्यालयों का समय बदला

पटना। बिहार में इन दिनों गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। सोमवार को प्रदेश के आठ जिलों में तापमान चालीस डिग्री सेल्सियस की सीमा पार कर गया, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। पिछले चौबीस घंटों के दौरान ग्यारह जिलों में अधिकतम तापमान चालीस डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया है। रोहतास जिले के डेहरी में 43.2 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ यह पूरे राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, जबकि कैमूर में पारा 43.0 डिग्री तक जा पहुंचा। राजधानी पटना भी इस भीषण गर्मी की चपेट से बाहर नहीं रही। सोमवार को पटना का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.2 डिग्री अधिक है। मौसम विभाग के अनुसार आज भी पटना में तेज धूप और गर्म हवाएं चलने की संभावना है और दोपहर के समय पारा 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। राज्य के पांच जिलों में लू जैसे हालात बने हुए हैं। गर्मी के प्रकोप को देखते हुए पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन ने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूर्व-विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्रों और पांचवीं कक्षा तक के विद्यालयों की समय-सारिणी में बड़ा बदलाव किया है। नए आदेश के अनुसार 21 अप्रैल से 25 अप्रैल तक ये सभी विद्यालय दोपहर 12 बजकर 30 मिनट तक ही संचालित होंगे। यह आदेश सरकारी और निजी दोनों प्रकार के विद्यालयों पर समान रूप से लागू होगा। इस बीच बक्सर से एक चिंताजनक खबर सामने आई है। भीषण गर्मी के कारण वहां दस विद्यार्थी बेहोश हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। सोमवार को बक्सर का तापमान 42 डिग्री के करीब रहा। इस घटना ने प्रशासन और अभिभावकों की चिंता और बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए भी पूर्वानुमान जारी किया है। 21 अप्रैल को अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की संभावना जताई गई है। वहीं 24 और 25 अप्रैल को उत्तर और दक्षिण-पूर्व बिहार के कई हिस्सों में वर्षा की चेतावनी जारी की गई है, जिससे कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। नालंदा जिले में फिलहाल मौसम साफ बना हुआ है, लेकिन वहां भी अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। हवा की रफ्तार मात्र पांच किलोमीटर प्रति घंटे होने के कारण गर्मी से राहत बेहद कम मिल रही है। मौसम विभाग ने बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि लोग दोपहर के समय बिना किसी जरूरी कारण के घर से बाहर न निकलें। पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और सिर को ढककर रखें। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का भी कहना है कि इस मौसम में हल्के और सूती वस्त्र पहनना, छाछ एवं नींबू पानी जैसे ठंडे पेय पदार्थों का सेवन करना और दोपहर में घर के भीतर रहना आवश्यक है। बिहार में इस बार अप्रैल माह में ही गर्मी ने मई-जून जैसा रूप धारण कर लिया है। प्रशासन और मौसम विभाग दोनों ही आमजन से सतर्क रहने की अपील कर रहे हैं।

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