समस्तीपुर में महिला की संदिग्ध मौत, पिटाई और करंट देकर हत्या का आरोप
- परिजनों ने दहेज और पैसे की मांग को बताया कारण, पति समेत ससुराल पक्ष फरार
- शरीर पर मिले चोट के निशान, पुलिस जांच में जुटी
समस्तीपुर। जिले के ताजपुर थाना क्षेत्र से एक महिला की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है, जिसने इलाके में सनसनी फैला दी है। माधोपुर दिघरुआ गांव में 30 वर्षीय महिला आरती कुमारी की मौत के बाद परिजनों ने ससुराल पक्ष पर पिटाई और करंट लगाकर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतका की पहचान आरती कुमारी के रूप में हुई है, जो आलोक कुमार की पत्नी थी। आरती का मायका हलई थाना क्षेत्र के कांचा गांव में है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बरामद कर जांच प्रक्रिया शुरू की। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है, क्योंकि मृतका के शरीर पर चोट के कई निशान पाए गए हैं। मृतका के भाई मणिकांत कुमार ने इस घटना को हत्या बताते हुए अपने जीजा आलोक कुमार और उनके परिवार के सदस्यों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में आरती की शादी आलोक कुमार के साथ हुई थी। शादी के समय दहेज के रूप में लगभग 20 लाख रुपये नकद और एक कार दी गई थी। कुछ समय तक वैवाहिक जीवन सामान्य रहा, लेकिन इसके बाद आरती को लगातार प्रताड़ित किया जाने लगा। मणिकांत के अनुसार, पति आलोक कुमार पेशे से अमीन है और समस्तीपुर न्यायालय में मुंशी का कार्य करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही अलग-अलग बहानों से पैसे की मांग की जाती रही। कभी मकान निर्माण के नाम पर तो कभी जमीन खरीदने के लिए रकम मांगी जाती थी। कई बार परिवार ने पैसे भी दिए, लेकिन मांग खत्म नहीं हुई। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ महीनों से चार लाख रुपये की अतिरिक्त मांग की जा रही थी, ताकि जमीन खरीदी जा सके। इस बारे में आरती ने अपने माता-पिता को भी जानकारी दी थी। जब परिवार इस रकम का इंतजाम नहीं कर पाया, तो ससुराल पक्ष का व्यवहार और अधिक कठोर हो गया। मणिकांत कुमार ने बताया कि रविवार की रात उन्हें सूचना मिली कि उनकी बहन की हत्या कर दी गई है। उस समय वह रांची में थे। जब तक वह और उनके परिवार के अन्य सदस्य गांव पहुंचे, तब तक घर के सभी सदस्य फरार हो चुके थे। उन्होंने पुलिस को सूचना दी और मौके पर पहुंचकर स्थिति देखी। मणिकांत के अनुसार, जब वह घर के अंदर पहुंचे तो उनकी बहन का शव पड़ा हुआ था। शरीर पर पिटाई के स्पष्ट निशान थे, पीठ और हाथ काले पड़े हुए थे और गर्दन पर करंट लगाने के दाग दिखाई दे रहे थे। उन्होंने इसे बेहद क्रूर हत्या बताते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना के समय घर में मौजूद मृतका के दोनों बच्चों ने भी परिजनों को बताया कि उनके पिता और अन्य लोगों ने उनकी मां के साथ मारपीट की थी। इस बयान से मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक संजय पांडेय ने बताया कि महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई है और शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। साथ ही, मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। यह घटना एक बार फिर दहेज और घरेलू हिंसा जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों को उजागर करती है। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर आक्रोश है और सभी दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की जा रही है। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है और मामले के जल्द खुलासे की उम्मीद जताई जा रही है।


