औरंगाबाद में 50 यात्रियों से भरी स्लीपर बस पलटी, 20 घायल; चालक समेत तीन की हालत गंभीर
- ओवरब्रिज पार करने के बाद डाल्टनगंज मार्ग पर हुआ हादसा, पलटने के बाद करीब 20 मीटर तक घिसटती रही बस
- जमुहार मेडिकल कॉलेज भेजे गए गंभीर घायल, ट्रक से टक्कर की आशंका; पुलिस ने अभी नहीं की पुष्टि
औरंगाबाद। बिहार के औरंगाबाद जिले में बुधवार की देर रात एक भीषण सड़क हादसे में करीब 50 यात्रियों से भरी स्लीपर बस अनियंत्रित होकर पलट गई। दुर्घटना के बाद बस सड़क पर करीब 20 मीटर तक घिसटती चली गई। हादसे में करीब 20 यात्री घायल हुए हैं। घायलों में अधिकतर औरंगाबाद जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं। बस चालक समेत तीन लोगों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए जमुहार मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोगों ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
वाराणसी से पटना जा रही थी बस
जानकारी के अनुसार, हंसराज नाम की स्लीपर बस बुधवार की शाम उत्तर प्रदेश के वाराणसी से पटना के लिए रवाना हुई थी। बस झारखंड के रास्ते पटना की ओर जा रही थी। रात करीब एक बजे ओवरब्रिज पार करने के बाद डाल्टनगंज मार्ग पर अचानक बस हादसे का शिकार हो गई। प्रत्यक्ष जानकारी के मुताबिक, बस में करीब 50 यात्री सवार थे। हादसा इतना जोरदार था कि बस सड़क पर पलटने के बाद काफी दूर तक घिसटती रही। अचानक हुई दुर्घटना से बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। कई यात्री बस के अंदर फंस गए, जबकि कुछ यात्रियों को गंभीर चोटें आईं।
ट्रक से टक्कर की आशंका, जांच जारी
स्थानीय लोगों के अनुसार, दुर्घटनास्थल के आसपास एक ट्रक खड़ा था। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि बस की ट्रक से टक्कर हुई होगी। इसके बाद चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया और बस सड़क पर पलट गई। हालांकि, पुलिस ने अभी ट्रक से टक्कर होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। हादसे के बाद ट्रक का चालक और सहायक मौके से फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस दुर्घटना के वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए पूरे मामले की जांच कर रही है। प्रारंभिक तौर पर यह भी देखा जा रहा है कि हादसा तेज गति, सड़क की स्थिति या किसी अन्य कारण से तो नहीं हुआ। पुलिस घटनास्थल पर मौजूद परिस्थितियों और वाहनों की स्थिति के आधार पर दुर्घटना की वजह तलाश रही है।
चीख-पुकार सुनकर दौड़े ग्रामीण
बस पलटने के बाद यात्रियों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। स्थानीय लोगों ने बिना देर किए बस के अंदर फंसे यात्रियों को बाहर निकालना शुरू किया। इसके साथ ही पुलिस को भी घटना की सूचना दी गई।
सूचना मिलने के कुछ ही देर बाद नगर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को बस से बाहर निकाला गया और इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया। हादसे के बाद काफी देर तक घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
कई यात्रियों को आई गंभीर चोटें
हादसे में घायल यात्रियों में बघोई गांव निवासी महाराणा सिंह, सीमा कुमारी, बबलू कुमार, सत्य कुमार और बेलमती देवी शामिल हैं। इसके अलावा भैरोपुर निवासी विजय तिवारी, छतरपुर निवासी मुर्तुजा अंसारी, बस चालक बबलू पांडेय और पिंटू पांडेय समेत कई अन्य यात्री भी घायल हुए हैं। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने जांच के बाद गंभीर रूप से घायल यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए जमुहार मेडिकल कॉलेज रेफर किया। बस चालक समेत तीन घायलों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
अस्पताल पहुंचे अधिकारी, उपचार की जानकारी ली
घटना की जानकारी मिलने के बाद सदर अनुमंडल पदाधिकारी गौरव सिंह भी सदर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अस्पताल में भर्ती घायल यात्रियों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने घायलों और उनके परिजनों से बातचीत कर उपचार की स्थिति जानी। सदर अनुमंडल पदाधिकारी ने अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. आशुतोष कुमार से भी घायलों की स्थिति और उपचार व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सकों को घायलों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
पुलिस जुटी हादसे की वजह तलाशने में
हादसे के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। दुर्घटना में शामिल बस और आसपास मौजूद परिस्थितियों की जांच की जा रही है। ट्रक चालक और सहायक के फरार होने की बात भी सामने आई है, इसलिए पुलिस उनके संबंध में जानकारी जुटा रही है। फिलहाल पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि बस किन परिस्थितियों में अनियंत्रित होकर पलटी। शुरुआती जानकारी में ट्रक से संभावित टक्कर की बात सामने आई है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। एक साथ बड़ी संख्या में यात्रियों के घायल होने की इस घटना ने रात के समय लंबी दूरी की बसों में यात्री सुरक्षा और सड़क पर खड़े भारी वाहनों को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराना और दुर्घटना के वास्तविक कारण का पता लगाना है।


