सम्राट कैबिनेट की दूसरी बैठक आज, कई अहम प्रस्तावों पर लगेगी मुहर

  • मुख्यमंत्री सचिवालय में शाम 5 बजे होगी बैठक, प्रमुख मंत्री रहेंगे मौजूद
  • पहली बैठक में 11 शहरों में उपग्रह नगर बसाने और जमीन खरीद-बिक्री पर रोक का लिया गया था बड़ा फैसला

पटना। बिहार में नई सरकार के गठन के बाद प्रशासनिक सक्रियता तेज हो गई है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आज शाम 5 बजे मुख्यमंत्री सचिवालय में सम्राट कैबिनेट की दूसरी बैठक आयोजित होने जा रही है। इस बैठक को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में काफी उत्सुकता देखी जा रही है, क्योंकि नई सरकार की यह दूसरी बैठक है और इसमें कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर निर्णय लिए जाने की संभावना जताई जा रही है। बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र यादव सहित अन्य वरिष्ठ मंत्री भी उपस्थित रहेंगे। सरकार की ओर से बताया गया है कि बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी शाम 6 बजे आयोजित कैबिनेट ब्रीफिंग के माध्यम से सार्वजनिक की जाएगी। इस ब्रीफिंग में सरकार अपने फैसलों और योजनाओं का विस्तार से विवरण देगी, जिससे आम लोगों को नई नीतियों की जानकारी मिल सकेगी। नई सरकार बनने के बाद से ही यह संकेत मिल रहे हैं कि प्रशासनिक निर्णयों में तेजी लाई जाएगी और विकास से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दी जाएगी। ऐसे में दूसरी कैबिनेट बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि इस बैठक में विकास योजनाओं, बुनियादी ढांचे और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर ठोस फैसले लिए जा सकते हैं। इससे पहले 22 अप्रैल को सम्राट कैबिनेट की पहली बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें कुल 22 महत्वपूर्ण एजेंडों को मंजूरी दी गई थी। पहली बैठक का सबसे बड़ा और चर्चित निर्णय राज्य के 11 शहरों में उपग्रह नगर (सैटेलाइट टाउनशिप) विकसित करने का था। इस योजना का उद्देश्य बड़े शहरों पर बढ़ते दबाव को कम करना और आसपास के क्षेत्रों का संतुलित विकास सुनिश्चित करना है। सरकार ने इन प्रस्तावित उपग्रह नगरों के विकास को मंजूरी देते हुए संबंधित क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री पर अस्थायी रोक भी लगा दी थी। इस फैसले का उद्देश्य भूमि की अंधाधुंध खरीद-फरोख्त और कीमतों में अनियंत्रित वृद्धि को रोकना बताया गया था, ताकि नियोजित तरीके से विकास कार्य किए जा सकें। पहली बैठक के निर्णय के अनुसार मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, भागलपुर और छपरा के आसपास जमीन की खरीद-बिक्री पर 30 जून 2027 तक रोक लगाई गई है। वहीं पटना, सोनपुर, गया, दरभंगा, सहरसा, पूर्णिया और मुंगेर जैसे शहरों में यह रोक 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगी। सरकार का मानना है कि इस अवधि के दौरान योजनाबद्ध तरीके से बुनियादी ढांचे का विकास किया जाएगा, जिससे इन क्षेत्रों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा सके। विशेषज्ञों के अनुसार उपग्रह नगरों की अवधारणा बड़े शहरों में बढ़ती जनसंख्या और संसाधनों पर पड़ रहे दबाव को कम करने में कारगर साबित हो सकती है। इससे न केवल आवास की समस्या का समाधान होगा, बल्कि रोजगार और व्यापार के नए अवसर भी पैदा होंगे। अब सभी की निगाहें आज होने वाली दूसरी कैबिनेट बैठक पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि सरकार अपनी प्राथमिकताओं को और स्पष्ट करेगी तथा कई नई योजनाओं की घोषणा भी संभव है। यदि ऐसा होता है तो यह बैठक राज्य के विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। नई सरकार अपनी सक्रियता और त्वरित निर्णय क्षमता के जरिए यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि वह विकास और सुशासन के एजेंडे पर तेजी से काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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