पटना में दिव्यांग महिला से दुष्कर्म की वारदात, आरोपी फरार

  • नौबतपुर थाना क्षेत्र की घटना, घर में अकेली थी पीड़िता
  • पुलिस ने दर्ज किया मामला, चिकित्सीय जांच के बाद आगे की कार्रवाई

पटना। बिहार की राजधानी पटना से सटे दानापुर अनुमंडल के नौबतपुर थाना क्षेत्र में एक दिव्यांग महिला के साथ दुष्कर्म की घटना सामने आई है। इस घटना ने न केवल स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है, बल्कि समाज में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। पीड़िता ने अपने परिजनों को रो-रोकर पूरी घटना की जानकारी दी, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता 25 वर्षीय दिव्यांग महिला है, जो अपनी शारीरिक स्थिति के कारण पूरी तरह दूसरों पर निर्भर रहती है। घटना उस समय की है जब महिला का पति और सास रोज की तरह मजदूरी करने के लिए घर से बाहर गए हुए थे। घर में अकेली होने का फायदा उठाकर एक आरोपी व्यक्ति घर में घुस आया और महिला के साथ जबरन दुष्कर्म किया। बताया जा रहा है कि पीड़िता ने आरोपी का विरोध करने की कोशिश की, लेकिन उसकी शारीरिक असमर्थता के कारण वह खुद को बचा नहीं सकी। आरोपी ने उसकी एक नहीं सुनी और घटना को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गया। इस दौरान आसपास के लोगों को घटना की भनक तक नहीं लगी, जिससे आरोपी को भागने का मौका मिल गया। रात्रि में जब पीड़िता का पति और सास घर लौटे, तब महिला ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई। परिजनों ने घटना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई का निर्णय लिया और अगले दिन मंगलवार को नौबतपुर थाना पहुंचकर लिखित आवेदन दिया। परिजनों ने पुलिस से आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। थाना प्रभारी मंजीत ठाकुर ने बताया कि पीड़िता के परिजनों से आवेदन प्राप्त हो गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि पीड़िता को चिकित्सीय जांच के लिए भेजा गया है, ताकि घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा सकें। पुलिस का कहना है कि चिकित्सीय रिपोर्ट और अन्य प्रमाणों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी की पहचान करने और उसे गिरफ्तार करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ की जा रही है और संभावित ठिकानों पर छापेमारी भी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और दोषी को जल्द ही गिरफ्तार कर कानून के कठघरे में खड़ा किया जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर महिलाओं, विशेषकर दिव्यांग महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि ऐसे मामलों में त्वरित और सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है, ताकि अपराधियों में कानून का भय बना रहे। साथ ही, दिव्यांग व्यक्तियों के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था और जागरूकता भी जरूरी है। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर आक्रोश है। उनका कहना है कि इस तरह की घटनाएं समाज के लिए कलंक हैं और प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना चाहिए। लोगों ने पुलिस से मांग की है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दिलाई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। यह घटना न केवल एक गंभीर आपराधिक मामला है, बल्कि समाज के संवेदनशील वर्ग की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े करती है। अब सभी की नजर पुलिस की कार्रवाई पर है कि वह कितनी जल्दी आरोपी को पकड़कर पीड़िता को न्याय दिला पाती है।

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