August 13, 2026

छात्रों पर कथित एके-47 से गोलीबारी के विरोध में 19 अगस्त को राजद का लोकभवन मार्च

  • तेजस्वी यादव ने नई दिल्ली में किया आंदोलन का ऐलान, सांसद, विधायक, विधान पार्षद और कार्यकर्ता होंगे शामिल
  • “बिहार को पुलिसिया राज्य नहीं बनने देंगे”, गोली किसके आदेश पर चली यह बताने की मांग; विपक्षी दलों को भी मार्च में शामिल होने का न्योता

पटना। बिहार में छात्र आंदोलन के दौरान कथित तौर पर एके-47 से गोली चलाए जाने के मामले को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। मामले में अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय जनता दल ने आंदोलन का ऐलान किया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में घोषणा की कि राजद 19 अगस्त को पटना में वीरचंद पटेल पथ स्थित पार्टी मुख्यालय से लोकभवन तक मार्च निकालेगा। इस मार्च में पार्टी के सांसद, विधायक, विधान पार्षद और कार्यकर्ता शामिल होंगे। तेजस्वी यादव ने कहा कि छात्रों पर गोली चलाए जाने के मामले में कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब मांगा जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार को पुलिसिया राज्य बनने नहीं दिया जाएगा। उनके अनुसार मार्च का उद्देश्य छात्रों को न्याय दिलाने और कथित पुलिस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को मजबूती से उठाना है। राजद नेता ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर विपक्षी दलों से भी बातचीत की जा रही है और उन्हें मार्च में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। तेजस्वी यादव ने सवाल उठाया कि छात्र प्रदर्शन के दौरान गोली चलाने का आदेश किसके स्तर से दिया गया था। उन्होंने कहा कि पूरा देश यह जानना चाहता है कि गोली चलाने का आदेश किसने दिया। उनके मुताबिक विपक्ष की ओर से आवाज उठाए जाने के बाद एक पुलिसकर्मी को निलंबित किया गया, लेकिन संबंधित पुलिस अधीक्षक के खिलाफ अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई, इसका जवाब सरकार को देना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मामले को संसद में उठाए जाने पर उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के प्रति आभार जताया है। उनका कहना है कि छात्रों के साथ हुई घटना को केवल बिहार तक सीमित मुद्दे के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों की सुरक्षा और अधिकारों से जुड़े विषय के रूप में भी देखा जाना चाहिए। तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री ने अब तक इस मामले पर एक शब्द नहीं बोला है। उन्होंने यह भी दावा किया कि मुख्यमंत्री या किसी उपमुख्यमंत्री ने घायल छात्रों से मुलाकात तक नहीं की। तेजस्वी ने सवाल किया कि यदि घटना में किसी मासूम की जान चली जाती तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता। राजद नेता इससे पहले भी इस मामले को लेकर राज्य सरकार पर दबाव बनाते रहे हैं। अगस्त में उन्होंने बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार से मुलाकात की थी। उस दौरान राजद प्रतिनिधिमंडल ने 25 जुलाई को सीवान में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान एके-47 राइफल के कथित इस्तेमाल को लेकर पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। तेजस्वी यादव के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने यह सवाल भी उठाया था कि छात्रों के प्रदर्शन के दौरान इतनी घातक राइफल के इस्तेमाल का आदेश किसने दिया। राजद ने सरकार से घटना की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। पार्टी का कहना है कि यदि पुलिस कार्रवाई नियमों के अनुरूप थी तो सरकार को इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए। बुधवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में सांसद मीसा भारती, अभय कुशवाहा और सुरेंद्र यादव भी मौजूद रहे। पार्टी की ओर से प्रस्तावित मार्च को लेकर अब संगठनात्मक तैयारियां शुरू होने की संभावना है। राजद ने संकेत दिया है कि आंदोलन में बड़ी संख्या में पार्टी के निर्वाचित प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं को शामिल किया जाएगा। 19 अगस्त को प्रस्तावित लोकभवन मार्च के कारण पटना की राजनीति में सरगर्मी बढ़ने की संभावना है। विपक्षी दल इस मुद्दे पर राजद के साथ आते हैं या नहीं, यह भी महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल राजद ने छात्र आंदोलन के दौरान हुई कथित गोलीबारी को बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाने की तैयारी कर ली है। सरकार की ओर से मामले पर क्या जवाब दिया जाता है और जांच में आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

 

 

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