पटना में छिनतई की बढ़ती घटनाओं से दहशत, पॉश इलाकों में भी अपराधियों का आतंक
- राजेंद्र नगर और कदमकुआं में लगातार वारदात, महिलाओं को बनाया जा रहा निशाना
- पुलिस गश्ती पर उठे सवाल, बाइक सवार अपराधी अब भी पकड़ से बाहर
पटना। बिहार में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं ने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजधानी पटना में हाल के दिनों में छिनतई की घटनाओं में तेजी से वृद्धि हुई है, जिससे आम लोगों में भय का माहौल बन गया है। खासकर महिलाओं को निशाना बनाए जाने की घटनाओं ने चिंता को और बढ़ा दिया है। शहर के पॉश इलाकों में भी अपराधियों के बेखौफ होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। ताजा मामला पटना के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र के रोड नंबर 6 के पास का है, जो शहर का एक वीवीआईपी इलाका माना जाता है। यहां न्यायिक अधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और प्रसिद्ध लोकगायिका शारदा सिन्हा का आवास भी स्थित है। इसी इलाके में एक व्यवसायी परिवार की महिला अपनी बेटी के साथ घर लौट रही थी, तभी बाइक सवार दो अपराधियों ने पीछे से झपट्टा मारकर करीब 20 ग्राम सोने की चेन छीन ली। झपट्टे के दौरान चेन टूट गई, जिसमें आधा हिस्सा अपराधी लेकर फरार हो गए। इस घटना ने न केवल स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि अपराधी अब सुरक्षित माने जाने वाले क्षेत्रों में भी वारदात करने से नहीं हिचक रहे हैं। इससे पहले भी कदमकुआं थाना क्षेत्र में एक सप्ताह के भीतर चार से पांच छिनतई की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। 19 अप्रैल को दिनकर चौक के पास एक छात्र से बैग छीनने की घटना भी हुई थी। शहर के विभिन्न हिस्सों में लगातार हो रही चेन छीनने और लूट की घटनाओं से यह स्पष्ट हो गया है कि बाइक सवार अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। वे खुलेआम वारदातों को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं और अब तक पुलिस उनकी गिरफ्त से दूर है। यह स्थिति पुलिस की गश्ती व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में पुलिस गश्त पर्याप्त नहीं है और अपराधियों को पकड़ने के लिए ठोस कार्रवाई की आवश्यकता है। लोगों का मानना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति और बिगड़ सकती है। महिलाओं में खासतौर पर डर का माहौल है और वे अकेले बाहर निकलने से हिचक रही हैं। पुलिस प्रशासन की ओर से अपराध नियंत्रण के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है। बीते एक सप्ताह में ही कई घटनाएं सामने आने के बाद यह सवाल उठने लगा है कि आखिर गश्ती व्यवस्था कितनी प्रभावी है और अपराधियों पर नियंत्रण क्यों नहीं हो पा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी तंत्र को मजबूत करने, सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने और पुलिस गश्त को और सक्रिय बनाने की जरूरत है। साथ ही, अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी भी जरूरी है, ताकि लोगों में सुरक्षा की भावना बहाल हो सके। पटना में बढ़ती छिनतई की घटनाओं ने आम जनता की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। अब लोगों को उम्मीद है कि पुलिस प्रशासन जल्द ही ठोस कार्रवाई करेगा और अपराधियों पर अंकुश लगाएगा, ताकि शहर में कानून व्यवस्था बहाल हो सके।


