बिहार में 86 लाख से अधिक पेंशनधारकों को राहत, खातों में भेजी गई मार्च माह की पेंशन
- 1100 करोड़ रुपये से अधिक राशि जारी, अगले तीन माह के लिए 3900 करोड़ की मंजूरी
- जीवन प्रमाणीकरण अनिवार्य, शेष लाभुकों को सत्यापन के बाद मिलेगी बकाया राशि
पटना। बिहार में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत बड़ी संख्या में लाभार्थियों को राहत देते हुए राज्य सरकार ने मार्च 2026 की पेंशन राशि का भुगतान कर दिया है। वित्त विभाग की स्वीकृति मिलने के बाद 86.74 लाख पेंशनधारकों के बैंक खातों में 1100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण प्रणाली के माध्यम से भेजी गई है। यह कदम राज्य के बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगजनों के लिए आर्थिक सहारा प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वित्त विभाग के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार समाज कल्याण विभाग द्वारा पेंशन भुगतान के लिए बजट आवंटन का प्रस्ताव दो दिन पहले भेजा गया था, जिसे त्वरित स्वीकृति प्रदान कर दी गई। इसके बाद लाभार्थियों के खातों में राशि स्थानांतरित कर दी गई। विभाग ने स्पष्ट किया है कि वेतन और पेंशन भुगतान के लिए राज्य सरकार को किसी प्रकार के ऋण लेने की आवश्यकता नहीं है, जिससे वित्तीय स्थिति को लेकर चल रही आशंकाओं पर भी विराम लगा है। सरकार ने केवल मार्च माह की पेंशन ही नहीं जारी की है, बल्कि आगामी तीन माह के भुगतान के लिए भी अग्रिम तैयारी कर ली है। वित्त विभाग ने वित्तीय नियमों के तहत करीब 3900 करोड़ रुपये के खर्च को मंजूरी दी है। इसमें केंद्र सरकार से प्राप्त राशि के साथ-साथ राज्य सरकार द्वारा बढ़ाई गई पेंशन राशि का अतिरिक्त हिस्सा भी शामिल है। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि आने वाले महीनों में पेंशन भुगतान में किसी प्रकार की बाधा न आए। विभाग के अनुसार पेंशन की राशि उन्हीं लाभार्थियों के खातों में भेजी गई है, जिन्होंने अपना जीवन प्रमाणीकरण पूरा कर लिया है। राज्य में अब तक 86.74 लाख लाभुकों का जीवन प्रमाणीकरण किया जा चुका है। यह प्रक्रिया पेंशन वितरण में पारदर्शिता और पात्रता सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य है। जिन लाभार्थियों को अभी तक मार्च माह की पेंशन प्राप्त नहीं हुई है, उनके लिए विभाग ने स्पष्ट किया है कि जीवन प्रमाणीकरण पूरा करने के बाद उन्हें बकाया राशि अगले माह की पेंशन के साथ प्रदान की जाएगी। विभाग ने यह भी आश्वासन दिया है कि भुगतान के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध है और किसी प्रकार की कमी नहीं है। जानकारी के अनुसार अभी भी लगभग 31 लाख से अधिक लाभुकों का जीवन प्रमाणीकरण शेष है। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसकी शुरुआत 22 दिसंबर 2025 से की गई थी। इस अभियान के तहत वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और दिव्यांग पेंशन योजना के लाभार्थियों का ई-केवाईसी आधारित सत्यापन किया जा रहा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी पेंशनधारियों के लिए वर्ष में कम से कम एक बार जीवन प्रमाणीकरण कराना अनिवार्य है। हालांकि इसके लिए कोई निश्चित समय सीमा निर्धारित नहीं की गई है, जिससे लाभार्थी अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी समय यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। यह एक सतत प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य पेंशन वितरण को नियमित और व्यवस्थित बनाए रखना है। राज्य भर में इस कार्य के लिए लगभग 67 हजार सामान्य सेवा केंद्रों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। लाभार्थी अपने नजदीकी केंद्र पर जाकर निःशुल्क जीवन प्रमाणीकरण करा सकते हैं। इससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी सुविधा मिल रही है। राज्य सरकार का यह कदम सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को मजबूत करने और जरूरतमंद वर्ग तक समय पर आर्थिक सहायता पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे लाखों परिवारों को राहत मिली है और सरकार की कल्याणकारी नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन का संकेत भी मिलता है।


