पटना में बालू-गिट्टी विवाद में गोलियों की गूंज, चैनपुर गांव में अंधाधुंध फायरिंग से बच्ची समेत तीन घायल
- कमीशनखोरी को लेकर दो पक्षों के बीच हुआ खूनी संघर्ष, दस से अधिक राउंड चली गोलियां
- घटना के बाद गांव में दहशत, पुलिस ने संभाला मोर्चा, आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी
पटना। जिले के खुसरूपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत चैनपुर गांव गुरुवार सुबह अचानक गोलियों की आवाज से दहल उठा। बालू और गिट्टी आपूर्ति में कथित कमीशनखोरी को लेकर दो पक्षों के बीच शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। दोनों पक्षों के बीच हुई अंधाधुंध फायरिंग में एक 12 वर्षीय बच्ची समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे गांव में भय और तनाव का माहौल व्याप्त हो गया है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, गांव में लंबे समय से बालू-गिट्टी आपूर्ति और उससे जुड़े आर्थिक लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। गुरुवार सुबह यह विवाद अचानक उग्र हो गया। दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते कहासुनी हिंसक संघर्ष में बदल गई। आरोप है कि इस दौरान दोनों ओर से हथियार निकाल लिए गए और ताबड़तोड़ गोलियां चलने लगीं। ग्रामीणों का कहना है कि दस से अधिक राउंड फायरिंग हुई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। गोलियों की आवाज सुनते ही लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कई परिवारों ने खुद को घरों में बंद कर लिया। गांव की गलियां कुछ देर के लिए वीरान हो गईं और चारों ओर दहशत का माहौल बन गया। अचानक हुई इस घटना से महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक भयभीत दिखाई दिए। फायरिंग की इस घटना में विकास कुमार की 12 वर्षीय बेटी नेहा कुमारी गंभीर रूप से घायल हो गई। इसके अलावा अरुण सिंह की 50 वर्षीय पत्नी सोना देवी और रविंद्र प्रसाद के 26 वर्षीय पुत्र दीपक कुमार को भी गोली लगी। जानकारी के अनुसार, सोना देवी के पैर में गोली लगी है, जबकि दीपक कुमार के पेट में गोली लगने के कारण उनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है। नेहा कुमारी को भी गंभीर चोटें आई हैं और चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार जारी है। घटना की सूचना मिलते ही खुसरूपुर थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए खुसरूपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा। वहां चिकित्सकों ने उनकी स्थिति गंभीर देखते हुए बेहतर इलाज के लिए पटना के बड़े अस्पतालों में रेफर कर दिया। फिलहाल सभी घायलों का उपचार जारी है और चिकित्सक उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने गांव में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया है। खुसरूपुर थानाध्यक्ष स्वयं पुलिस टीम के साथ गांव में कैंप कर रहे हैं। पूरे इलाके में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है और घटना में शामिल आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में विवाद का कारण बालू-गिट्टी आपूर्ति से जुड़ा आर्थिक विवाद सामने आया है। हालांकि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फायरिंग में किन लोगों ने भाग लिया और उनके पास हथियार कहां से आए। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान होते ही उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद चैनपुर गांव के लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि दिनदहाड़े हुई इस तरह की गोलीबारी ने इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों ने प्रशासन से गांव में स्थायी रूप से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का दावा है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। वहीं प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। चैनपुर गांव में हुई यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि छोटे आर्थिक विवाद किस प्रकार हिंसक रूप धारण कर समाज की शांति और सुरक्षा को प्रभावित कर सकते हैं। फिलहाल गांव में पुलिस की मौजूदगी के बीच स्थिति सामान्य बनाने का प्रयास जारी है।


