समस्तीपुर में दिनदहाड़े गोलीबारी, एक युवक की मौत, दूसरा गंभीर
- पल्सर सवार बदमाशों ने कब्रिस्तान तक पीछा कर बरसाईं गोलियां
- घायल युवक की हालत नाजुक, पुलिस जांच और छापेमारी तेज
समस्तीपुर। बिहार में बढ़ती आपराधिक घटनाओं के बीच समस्तीपुर जिले से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कल्याणपुर थाना क्षेत्र के माधोपुर भुआल गांव में दिनदहाड़े बाइक सवार अपराधियों ने दो युवकों पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं, जिसमें एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी के अनुसार, भुसकौल निवासी अमित कुमार उर्फ फेकन और जितवरिया निवासी राजीव कुमार बुलेट मोटरसाइकिल से कहीं जा रहे थे। इसी दौरान पल्सर मोटरसाइकिल पर सवार तीन अपराधियों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अपराधियों ने दोनों युवकों को जबरन रोका और अचानक उन पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। हमले के बाद दोनों युवक अपनी जान बचाने के लिए पास के कब्रिस्तान की ओर भागे, लेकिन हमलावरों ने उनका पीछा किया और वहीं पहुंचकर फिर से गोलीबारी शुरू कर दी। इस हमले में अमित कुमार को पैर, आंख, पीठ और गले में कई गोलियां लगीं, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं राजीव कुमार को तीन गोलियां लगी हैं और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने घायल युवक को तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए दरभंगा चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल रेफर कर दिया गया। फिलहाल वह जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहा है। इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल से एक पिस्टल भी बरामद की है, जिससे यह संकेत मिलता है कि अपराधियों ने हथियार मौके पर ही छोड़ दिया होगा या जल्दबाजी में गिर गया होगा। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों बदमाश मौके से फरार हो गए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल हत्या के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। प्रारंभिक जांच में यह व्यक्तिगत दुश्मनी या आपसी विवाद का मामला हो सकता है, लेकिन इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। आसपास के क्षेत्रों में लगे निगरानी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और अपराधियों की पहचान के लिए विशेष टीम गठित कर दी गई है। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से स्थानीय लोग भयभीत हैं और पुलिस प्रशासन के खिलाफ आक्रोश भी देखा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और अपराधियों में पुलिस का कोई डर नहीं रह गया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि अपराधियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए। उन्होंने पुलिस गश्त बढ़ाने और संवेदनशील इलाकों में निगरानी व्यवस्था सख्त करने की भी मांग की है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए पुलिस को सक्रिय और सतर्क रहना होगा। साथ ही, अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई जरूरी है, ताकि कानून का भय कायम किया जा सके। समस्तीपुर की यह घटना राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था की ओर इशारा करती है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करती है और अपराधियों को पकड़कर न्याय दिलाने में कितनी सफल होती है।


