October 27, 2026

EOU ACTION-केसरिया की मुख्य पार्षद किरण देवी तथा पति रजनीश कुमार पाठक के पांच ठिकानों पर ईओयू की जबर्दस्त छापेमारी..पटना तक हड़कंप 

>>तीन करोड़ 56 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति अर्जित करने का प्रारंभिक आकलन, बिहार पुलिस मुख्यालय के आर्थिक अपराध प्रभाग ने विशेष न्यायालय से प्राप्त किया तलाशी वारंट

 

पटना/पूर्वी चंपारण। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के तहत आर्थिक अपराध प्रभाग ने पूर्वी चंपारण जिले के केसरिया नगर पंचायत के वार्ड पार्षद रजनीश कुमार पाठक उर्फ रिक्कू पाठक और उनकी पत्नी किरण देवी के खिलाफ शिकंजा कस दिया है। मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को दोनों से जुड़े पांच ठिकानों पर तलाशी की कार्रवाई शुरू की गई। किरण देवी केसरिया नगर पंचायत की मुख्य पार्षद हैं, जबकि रजनीश कुमार पाठक वार्ड संख्या-07 के पार्षद हैं।

 

बिहार पुलिस मुख्यालय के आर्थिक अपराध प्रभाग की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, दोनों के खिलाफ ज्ञात आय के स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में आर्थिक अपराध थाना कांड संख्या 29/26, दिनांक 26 अक्टूबर 2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।

 

तीन करोड़ 56 लाख की संपत्ति का प्रारंभिक आकलन

 

जांच एजेंसी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में दंपती की कुल संपत्ति 3,56,65,118 रुपये आंकी गई है। यह राशि उनकी ज्ञात आय के वैध स्रोतों से लगभग 124.81 प्रतिशत अधिक बताई गई है। इसी आधार पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपों की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

 

पांच ठिकानों पर एक साथ तलाशी

 

विशेष न्यायालय, निगरानी, पटना से तलाशी अधिपत्र प्राप्त करने के बाद आर्थिक अपराध प्रभाग की टीम ने पांच स्थानों पर कार्रवाई शुरू की। इनमें केसरिया थाना क्षेत्र के चैनपुर स्थित पैतृक आवास, केसरिया बाजार में पेट्रोल पंप के निकट स्थित निजी आवास, युवराज गैस एजेंसी का कार्यालय एवं गोदाम तथा केसरिया नगर पंचायत के सरकारी भवन स्थित मुख्य पार्षद कार्यालय शामिल हैं। इसके अतिरिक्त पटना जिले के दानापुर स्थित बालाजी नगर के पार्क वेस्ट अपार्टमेंट के फ्लैट संख्या बी-101 में भी तलाशी की कार्रवाई की जा रही है।

 

छापेमारी में अपर पुलिस अधीक्षक और पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में विशेष टीम शामिल है।

 

अब संपत्ति और निवेश के स्रोतों की पड़ताल

 

आर्थिक अपराध प्रभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य संबंधित संपत्तियों, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच करना है, ताकि कथित आय से अधिक संपत्ति के मामले में वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। तलाशी के दौरान क्या-क्या बरामद हुआ है, इसकी विस्तृत जानकारी प्रेस विज्ञप्ति में नहीं दी गई है। विभाग ने कहा है कि तलाशी की कार्रवाई पूरी होने के बाद विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

 

फिलहाल, 3.56 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति और ज्ञात आय से 124.81 प्रतिशत अधिक संपत्ति के प्रारंभिक आकलन ने मामले को गंभीर बना दिया है। अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि संबंधित संपत्तियां किन स्रोतों से अर्जित की गईं और क्या उनका संबंध किसी अवैध वित्तीय गतिविधि से है। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

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