पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी, राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज
- मनी लॉन्ड्रिंग और जमीन सौदों में अनियमितताओं के पुराने मामले में कार्रवाई
- आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना, चुनावी रणनीति बताया
चंडीगढ़। पंजाब की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब ईडीने राज्य के उद्योग मंत्री संज़ीव अरोड़ा के ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई लुधियाना स्थित उनके आवास समेत कई स्थानों पर की गई, जहां सुबह-सुबह एजेंसी की टीम पहुंची और पूरे परिसर को अपने नियंत्रण में ले लिया। इस दौरान केंद्रीय पुलिस बल को भी तैनात किया गया ताकि सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। छापेमारी के दौरान किसी को भी घर के अंदर आने या बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई। यह कार्रवाई कथित रूप से मनी लॉन्ड्रिंग यानी धन शोधन और जमीन सौदों में अनियमितताओं से जुड़े एक पुराने मामले को लेकर की गई है। इससे पहले भी 7 अक्टूबर 2024 को अरोड़ा के संस्थानों पर इसी तरह की कार्रवाई हो चुकी है। उस समय भी जांच एजेंसियों ने वित्तीय लेन-देन और संपत्ति से जुड़े मामलों की जांच की थी। गौरतलब है कि इस कार्रवाई से दो दिन पहले ही आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के चांसलर अशोक मित्तल के करीब दस ठिकानों पर भी ईडीने छापेमारी की थी। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने इस कार्रवाई को राजनीतिक साजिश बताते हुए केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनावों से पहले इस तरह की जांच एजेंसियों की सक्रियता भाजपा की रणनीति का हिस्सा होती है। उनके अनुसार, विपक्षी नेताओं को दबाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। संज़ीव अरोड़ा लुधियाना के एक प्रमुख उद्योगपति भी हैं। उनकी कंपनी ‘रितेश इंडस्ट्रीज’ निर्यात का व्यवसाय करती है, जिसका मुख्य कार्यक्षेत्र अमेरिका बताया जाता है। इसके अलावा उन्होंने वर्ष 2018 में फैशन उद्योग में भी कदम रखते हुए ‘फेमेला फैशन लिमिटेड’ की स्थापना की थी। राजनीति में उनका प्रवेश अपेक्षाकृत नया है। वर्ष 2022 में आम आदमी पार्टी ने उन्हें राज्यसभा के लिए नामित किया था। बाद में फरवरी 2025 में उन्हें लुधियाना वेस्ट विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया, जहां उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी को 10,637 मतों से पराजित किया। इसके बाद उन्हें राज्य सरकार में मंत्री पद दिया गया। वर्तमान में भगवंत मान सरकार में संजीव अरोड़ा एक महत्वपूर्ण और प्रभावशाली मंत्री माने जाते हैं। उनके पास उद्योग, निवेश और ऊर्जा जैसे अहम विभाग हैं। हाल ही में हुए मंत्रिमंडल फेरबदल में उनकी जिम्मेदारियों को और बढ़ाते हुए स्थानीय प्रशासन विभाग भी सौंपा गया था। जांच एजेंसियों के अनुसार, यह मामला ‘हैम्पटन होम्स’ नामक परियोजना से भी जुड़ा हुआ है, जिसमें जमीन के उपयोग को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। बताया जा रहा है कि जिस भूमि को औद्योगिक विकास के लिए आवंटित किया गया था, वहां आवासीय कॉलोनी विकसित कर दी गई। इस परियोजना में फाइनेंसर हेमंत सूद की भी भूमिका सामने आई है, जिनके यहां पहले भी छापेमारी हो चुकी है। इस पूरी कार्रवाई ने पंजाब की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है। जहां एक ओर जांच एजेंसियां इसे कानून के तहत की गई कार्रवाई बता रही हैं, वहीं आम आदमी पार्टी इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दे रही है। आने वाले समय में इस मामले की जांच और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं राज्य की राजनीति को और प्रभावित कर सकती हैं।


