August 11, 2026

पटना में बेकाबू गाड़ी ने महिला को कुचला, हालत गंभीर, एक को लोगों ने पकड़ा

पटना। पटना के गांधी मैदान थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां गेट नंबर 5 के पास एक तेज रफ्तार बेकाबू कार ने सड़क किनारे बैठी एक वृद्ध महिला को कुचल दिया। यह घटना बुधवार को उस समय घटी जब कार में सवार युवक रेड क्रॉस सोसाइटी की ओर से तेज गति में गाड़ी चला रहे थे और नियंत्रण खो बैठे। गाड़ी अनियंत्रित होकर पलट गई और पास बैठी महिला उसकी चपेट में आ गई।
कार सवार युवक और उनका आपराधिक व्यवहार
हादसे के वक्त कार में चार से पांच युवक मौजूद थे। जानकारी के अनुसार सभी युवक कार के भीतर ही शराब पार्टी कर रहे थे। यह गैरकानूनी और खतरनाक गतिविधि दुर्घटना का मुख्य कारण मानी जा रही है। जब गाड़ी पलटी, तो उसमें सवार युवक मौके से भागने लगे। इस बीच वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने साहस दिखाते हुए उनमें से एक युवक को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।
पीड़ित महिला की स्थिति गंभीर
गंभीर रूप से घायल महिला को तुरंत पुलिस की मदद से पीएमसीएच (पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल) भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत नाजुक बताई है। महिला की पहचान अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन उसकी उम्र और स्थिति को देखते हुए चिंता की स्थिति बनी हुई है।
पुलिस कार्रवाई और पूछताछ
गांधी मैदान के एडिशनल एसएचओ परितोष कुमार ने जानकारी दी कि पकड़े गए युवक की पहचान विशाल भदौरिया के रूप में हुई है, जो मध्यप्रदेश का निवासी है। प्रारंभिक पूछताछ में विशाल ने बताया कि वह अपने तीन दोस्तों के साथ आज ही पटना आया था। कार में उनके साथ निखिल कुशवाहा, संजू भदौरिया और आशीष भदौरिया नामक युवक भी थे, जो फिलहाल फरार हैं। ये सभी युवक पढ़ाई करते हैं और मध्यप्रदेश के रहने वाले हैं।
फरार युवकों की तलाश जारी
पुलिस द्वारा पकड़े गए विशाल की मदद से अन्य फरार युवकों की तलाश की जा रही है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि घटनाक्रम की सटीक जानकारी और दोषियों की पहचान की जा सके। पुलिस ने आरोपियों पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया और सवाल
घटना के बाद क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय नागरिकों ने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है। सवाल यह भी उठाया जा रहा है कि शहर में खुलेआम कार में बैठकर शराब पार्टी कैसे संभव हुई, और यदि ये युवक बाहरी राज्य से आए थे तो उनकी गतिविधियों पर पहले से कोई निगरानी क्यों नहीं थी। यह घटना न केवल लापरवाही का परिणाम है बल्कि कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है। तेज रफ्तार गाड़ी, नशे की हालत में वाहन चलाना और फिर मौके से फरार हो जाना, यह दर्शाता है कि युवाओं में कानून का डर कम होता जा रहा है। जरूरत है कि ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई हो ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की लापरवाही करने से पहले कई बार सोचने पर मजबूर हो। महिला की स्थिति फिलहाल गंभीर बनी हुई है और पूरे शहर की निगाहें अब पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं।

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