पटना में 2027 नए बीपीएससी अधिकारियों को सीएम सम्राट ने दिया नियुक्ति पत्र, कहा- आपका एक साइन महत्तवपूर्ण, जनता के हितों के लिए करें काम
- 70वीं बीपीएससी से चयनित अधिकारियों को मुख्यमंत्री की नसीहत, ‘सरकारी पद अधिकार नहीं, जनता की सेवा का अवसर’
- मुख्यमंत्री ने कहा- हर फाइल पर हस्ताक्षर से किसी परिवार की जिंदगी बदल सकती है, इसलिए फैसले जनहित में लें
- नवनियुक्त अधिकारियों से ईमानदारी, निर्भीकता और बिना दबाव काम करने की अपील, कहा- अगले 25 साल में बढ़ेगी जिम्मेदारी
पटना। बिहार लोक सेवा आयोग की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से चयनित नवनियुक्त अधिकारियों के लिए आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक सेवा की जिम्मेदारियों और जनता के प्रति जवाबदेही का पाठ पढ़ाया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सरकारी नौकरी केवल पद, अधिकार और सुविधाएं हासिल करने का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज और राज्य की सेवा करने का बड़ा अवसर है। उन्होंने नवनियुक्त अधिकारियों से पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और निर्भीकता के साथ काम करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में 70वीं बीपीएससी के माध्यम से चयन का एक बड़ा रिकॉर्ड बना है। अब चयनित युवाओं के कंधों पर प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां आने वाली हैं। उन्होंने अधिकारियों को समझाया कि सरकारी व्यवस्था में उनके हर निर्णय का असर आम लोगों के जीवन पर पड़ सकता है। ऐसे में किसी भी फैसले से पहले उसके सामाजिक प्रभाव को समझना जरूरी है।
हर फाइल पर हस्ताक्षर की होगी जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे जिस भी फाइल पर हस्ताक्षर करेंगे, उससे किसी न किसी परिवार के जीवन पर असर पड़ेगा। एक निर्णय किसी जरूरतमंद को राहत पहुंचा सकता है, किसी युवा के भविष्य को बेहतर बना सकता है या किसी गांव में विकास का रास्ता खोल सकता है। उन्होंने कहा कि नौकरी मिलने से अधिकारियों के अपने जीवन में भी बदलाव आएगा, लेकिन उससे अधिक महत्वपूर्ण यह है कि उनके निर्णयों से समाज में कितना सकारात्मक बदलाव आता है। इसलिए अधिकारियों को केवल सरकारी प्रक्रिया पूरी करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्हें जनता की वास्तविक समस्याओं को समझकर उनके समाधान की दिशा में काम करना होगा।
दबाव से दूर रहकर लें निष्पक्ष फैसले
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक सेवा के दौरान अधिकारियों को कई तरह के दबावों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसी परिस्थितियों में उन्हें भयभीत होने के बजाय कानून और जनहित के आधार पर निर्णय लेना चाहिए। अधिकारी का निष्पक्ष और स्वतंत्र रहना प्रशासन में जनता के विश्वास के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी दबाव में आकर लिया गया गलत निर्णय न केवल प्रशासन की छवि को नुकसान पहुंचा सकता है, बल्कि उससे आम लोगों का जीवन भी प्रभावित हो सकता है। इसलिए अधिकारियों को निर्णय लेने की क्षमता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का लगातार मूल्यांकन करते रहना चाहिए।
ईमानदार प्रशासन से ही बढ़ेगा जनता का भरोसा
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की प्रगति सीधे तौर पर प्रशासन की कार्यशैली से जुड़ी है। अधिकारी जितनी ईमानदारी और जिम्मेदारी से काम करेंगे, राज्य उतनी ही तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ेगा। उन्होंने अधिकारियों से बिना भेदभाव और पूरी पारदर्शिता के साथ काम करने को कहा। सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाना प्रशासन की प्रमुख जिम्मेदारी है। इसके लिए अधिकारियों को गांव से लेकर शहर तक आम लोगों की समस्याओं को समझना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता सरकारी कार्यालयों में केवल कागजी प्रक्रिया पूरी कराने नहीं आती, बल्कि अपनी समस्याओं का समाधान चाहती है। ऐसे में अधिकारी का व्यवहार, निर्णय लेने का तरीका और समस्या के समाधान के प्रति उसकी गंभीरता प्रशासन में लोगों का भरोसा तय करती है।
पद के साथ सेवा भावना जरूरी
मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त अधिकारियों को पद और अधिकार को लेकर अहंकार से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सरकारी पद अपने साथ अधिकार जरूर लेकर आता है, लेकिन उससे कहीं बड़ी जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है। अधिकारी जनता के सेवक हैं और उनकी प्राथमिकता लोगों की समस्याओं का समाधान होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी समझाया कि प्रशासनिक सेवा को केवल नौकरी के रूप में देखने से इसकी वास्तविक भूमिका सीमित हो जाएगी। अगर अधिकारी इसे समाज के लिए काम करने के अवसर के रूप में देखते हैं तो उनके फैसलों का प्रभाव लंबे समय तक दिखाई दे सकता है।
अगले 25 वर्षों में बढ़ेंगी जिम्मेदारियां
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के भविष्य की ओर संकेत करते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में उनकी जिम्मेदारियां लगातार बढ़ेंगी। आज नियुक्त हो रहे युवा अधिकारी अगले 25 वर्षों में प्रशासन के महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी संभाल रहे होंगे। आजादी की 100वीं वर्षगांठ के समय तक इनमें से कई अधिकारी बिहार और देश की प्रशासनिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे होंगे। उन्होंने कहा कि अगले 25 वर्ष देश और बिहार के विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। इस दौरान इन अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को बेहतर प्रशासन, न्याय और सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी।
बिहार के विकास में प्रशासन की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की उन्नति केवल सरकारी योजनाएं बनाने से संभव नहीं है। योजनाओं को जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू करना भी उतना ही जरूरी है। इसके लिए सरकार और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति को समझें और यह सुनिश्चित करें कि सरकारी सहायता कागजों तक सीमित न रहे। विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सफलता का सबसे महत्वपूर्ण पैमाना होना चाहिए।
सेवा काल को बदलाव का अवसर मानें
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री का संदेश स्पष्ट रहा कि नवनियुक्त अधिकारियों की असली परीक्षा उनके पद से नहीं, बल्कि उनके फैसलों और कार्यशैली से होगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे अपने पूरे सेवाकाल को केवल नौकरी करने के अवसर के रूप में न देखें, बल्कि इसे बिहार के भविष्य को बेहतर बनाने के माध्यम के तौर पर लें। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि अगर 70वीं बीपीएससी से चयनित अधिकारी ईमानदारी, निर्भीकता, निष्पक्षता और सेवा भावना के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगे तो इससे न केवल जनता का भरोसा मजबूत होगा, बल्कि बिहार की प्रशासनिक व्यवस्था भी अधिक प्रभावी बनेगी। आने वाले वर्षों में यही अधिकारी राज्य के विकास और सुशासन की महत्वपूर्ण कड़ी साबित होंगे।


