सीबीएसई 10वीं की दूसरी बोर्ड परीक्षा का कार्यक्रम जारी, 15 से 21 मई तक होंगी परीक्षाएं

  • गणित से शुरुआत, सामाजिक विज्ञान के पेपर के साथ परीक्षा का समापन
  • अंकों में सुधार का बड़ा अवसर, बोर्ड ने छात्रों को समयबद्ध तैयारी की सलाह दी

नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने वर्ष 2026 के लिए कक्षा 10वीं की दूसरी बोर्ड परीक्षा का कार्यक्रम जारी कर दिया है। इस परीक्षा को विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जो अपने प्राप्त अंकों में सुधार करना चाहते हैं। बोर्ड द्वारा जारी समय-सारणी के अनुसार परीक्षाएं 15 मई 2026 से प्रारंभ होकर 21 मई 2026 तक आयोजित की जाएंगी। जारी कार्यक्रम के मुताबिक परीक्षा की शुरुआत 15 मई को गणित विषय से होगी। इस दिन गणित के मानक और आधारभूत दोनों प्रकार के प्रश्नपत्र आयोजित किए जाएंगे। इसके अगले दिन 16 मई को अंग्रेजी विषय की परीक्षा निर्धारित की गई है, जो छात्रों के लिए एक प्रमुख विषय माना जाता है। इसके बाद 18 मई को विज्ञान विषय की परीक्षा होगी, जिसमें भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान से संबंधित प्रश्न शामिल होंगे। कार्यक्रम के अनुसार 19 मई को हिंदी सहित विभिन्न भाषाओं और वैकल्पिक विषयों की परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा 20 मई को चित्रकला, संस्कृत, सूचना प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे विषयों की परीक्षा होगी। परीक्षा का अंतिम दिन 21 मई निर्धारित किया गया है, जिस दिन सामाजिक विज्ञान विषय का प्रश्नपत्र आयोजित किया जाएगा। इस प्रकार कुल मिलाकर सात दिनों की अवधि में यह पूरी परीक्षा प्रक्रिया संपन्न होगी। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि सभी मुख्य परीक्षाएं सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक एक ही पाली में आयोजित की जाएंगी। छात्रों को परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंचने और सभी आवश्यक निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। साथ ही बोर्ड ने यह भी कहा है कि छात्र आधिकारिक समय-सारणी के अनुसार अपनी तैयारी को व्यवस्थित करें, ताकि वे परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि दूसरी बोर्ड परीक्षा की व्यवस्था छात्रों के लिए एक सकारात्मक पहल है। इससे विद्यार्थियों को अपने कमजोर विषयों में सुधार करने का अवसर मिलता है और वे बेहतर अंक हासिल कर सकते हैं। यह प्रणाली छात्रों पर पड़ने वाले मानसिक दबाव को भी कम करने में सहायक मानी जा रही है, क्योंकि अब उनके पास अपने परिणाम को सुधारने का एक अतिरिक्त मौका उपलब्ध है। बोर्ड द्वारा जारी इस पहल को नई शिक्षा नीति के तहत किए जा रहे सुधारों का हिस्सा भी माना जा रहा है। इसके माध्यम से परीक्षा प्रणाली को अधिक लचीला और छात्र हितैषी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे विद्यार्थियों को अपनी क्षमता के अनुसार प्रदर्शन करने का अवसर मिलता है और वे अपने भविष्य के लिए बेहतर परिणाम सुनिश्चित कर सकते हैं। छात्रों और अभिभावकों के बीच इस नई व्यवस्था को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कई अभिभावकों का मानना है कि यह कदम छात्रों के आत्मविश्वास को बढ़ाने में मदद करेगा और उन्हें असफलता के डर से मुक्त करेगा। वहीं, शिक्षकों ने भी इसे एक व्यावहारिक और उपयोगी पहल बताया है। कक्षा 10वीं की दूसरी बोर्ड परीक्षा का यह कार्यक्रम छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर लेकर आया है। अब विद्यार्थियों के सामने चुनौती यह है कि वे इस अवसर का सही उपयोग करते हुए अपनी तैयारी को मजबूत बनाएं और बेहतर परिणाम हासिल करें। बोर्ड ने भी स्पष्ट किया है कि अनुशासन और नियमित अभ्यास ही सफलता की कुंजी है, इसलिए छात्रों को पूरे मनोयोग से तैयारी में जुटना चाहिए।

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