शाम से ही शुरू हो गया ताजिये सिपहर के साथ मुहर्रम का जुलुस,अहले सुबह तक होता रहा कर्बला में ताजिये का पहलाम,सांप्रदायिक सौहार्द का दिखा नजारा
फुलवारीशरीफ।(अजित कुमार)यौम-ए-आशूरा यानी हजरत पैगम्बर मोहम्मद के चहेते नवासे इमाम हुसैन की धर्म की रक्षा करते हुए कर्बला में हुए...
