बिहार भाजपा की नई प्रदेश कमेटी जल्द होगी घोषित, संतुलित टीम बनाने की तैयारी पूरी
- संजय सरावगी ने आलाकमान को भेजी सूची, मंजूरी मिलते ही होगी औपचारिक घोषणा
- नए-पुराने चेहरों के साथ सामाजिक संतुलन और महिलाओं की भागीदारी पर विशेष जोर
पटना। बिहार में भारतीय जनता पार्टी की नई प्रदेश कमेटी के गठन को लेकर लंबे समय से चल रही प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने संभावित पदाधिकारियों की सूची को अंतिम रूप देकर पार्टी आलाकमान को भेज दिया है। सूत्रों के अनुसार, दिल्ली से स्वीकृति मिलते ही राज्य इकाई की ओर से नई कमेटी की औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी। मौजूदा प्रदेश कमेटी का गठन तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कार्यकाल में हुआ था। इसके बाद दिलीप कुमार जायसवाल को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया, लेकिन उन्होंने नई कमेटी का गठन नहीं किया। बाद में उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल कर लिया गया और एक व्यक्ति एक पद के सिद्धांत के तहत दिसंबर 2025 में संजय सरावगी को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। करीब चार महीने से अधिक समय से संगठन की कमान संभाल रहे संजय सरावगी ने अब प्रदेश कमेटी गठन की प्रक्रिया पूरी कर ली है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, नई कमेटी में लगभग तीन दर्जन नेताओं को शामिल किया जा सकता है। इन्हें उपाध्यक्ष, महासचिव, सचिव, कोषाध्यक्ष और कार्यालय प्रभारी जैसे पदों की जिम्मेदारी दी जाएगी। पार्टी इस बार नई कमेटी को संतुलित स्वरूप देने पर विशेष ध्यान दे रही है। इसके तहत अनुभवी और वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ युवा चेहरों को भी जगह दी जाएगी। पार्टी का मानना है कि वरिष्ठ नेताओं का अनुभव और युवाओं का उत्साह मिलकर संगठन को नई ऊर्जा प्रदान करेगा। साथ ही, यह कदम भविष्य के नेतृत्व को तैयार करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी अपने विभिन्न मोर्चों, मंचों और प्रकोष्ठों में सक्रिय नेताओं को भी मुख्य कमेटी में शामिल करने पर विचार कर रही है। इससे संगठन में सक्रियता बढ़ेगी और जमीनी स्तर पर पार्टी की पकड़ मजबूत होगी। हालांकि, इस बार पदाधिकारियों की संख्या पहले की तुलना में कुछ कम रखी जा सकती है। नई कमेटी के साथ या उसके बाद प्रवक्ताओं, मीडिया पैनलिस्ट और मीडिया प्रभारी के नामों की भी घोषणा की जा सकती है। पार्टी इस बार संचार व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए मीडिया से जुड़े पदों पर भी विशेष ध्यान दे रही है। कमेटी गठन में सामाजिक संतुलन को भी प्राथमिकता दी जा रही है। पार्टी अपने पारंपरिक मतदाताओं के साथ-साथ अन्य जाति, धर्म और वर्ग के प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है, ताकि समाज के सभी वर्गों को जोड़ने का संदेश दिया जा सके। इसके अलावा महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। पार्टी की कोशिश है कि कमेटी में लगभग एक तिहाई महिलाओं को शामिल किया जाए, जिससे संगठन में लैंगिक संतुलन कायम हो सके। इस बीच, नितिन नवीन के 30 अप्रैल को बिहार दौरे की संभावना जताई जा रही है। पार्टी नेताओं के अनुसार, पटना प्रवास के दौरान वे राज्य से जुड़े विभिन्न राजनीतिक और संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। यह दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि राष्ट्रीय स्तर के नेतृत्व द्वारा राज्य इकाई की गतिविधियों की समीक्षा की जाएगी। सूत्रों का कहना है कि इस दौरे के दौरान मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के नेताओं के साथ बातचीत हो सकती है। साथ ही, वे पार्टी नेताओं और समर्थकों के निजी कार्यक्रमों में भी शामिल हो सकते हैं। बिहार भाजपा की नई प्रदेश कमेटी का गठन संगठनात्मक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल पार्टी की आंतरिक संरचना मजबूत होगी, बल्कि आगामी राजनीतिक चुनौतियों का सामना करने के लिए संगठन को नई दिशा भी मिलेगी। अब सबकी नजर आलाकमान की मंजूरी पर टिकी है, जिसके बाद नई टीम की तस्वीर स्पष्ट हो जाएगी।


