पटना की जर्जर सड़कों को मिलेगी नई पहचान, 11 प्रमुख मार्गों की मरम्मत पर डेढ़ करोड़ से अधिक खर्च

  • पथ निर्माण विभाग ने शुरू की बड़ी योजना, 15 से 30 दिनों में पूरा होगा सड़क जीर्णोद्धार कार्य
  • एनएच-30, पटना-गया राज्य मार्ग और ग्रामीण संपर्क सड़कों की बदलेगी तस्वीर, लोगों को मिलेगा सुगम आवागमन

पटना। राजधानी पटना की खराब और जर्जर सड़कों से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से टूटी सड़कों, गड्ढों और खराब यातायात व्यवस्था से जूझ रहे शहरवासियों को अब बेहतर सड़क सुविधा मिलने की उम्मीद जगी है। पथ निर्माण विभाग ने जिले की 11 महत्वपूर्ण सड़कों के जीर्णोद्धार और साधारण मरम्मत का कार्य शुरू करने का निर्णय लिया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के तहत इन सड़कों की मरम्मत पर कुल एक करोड़ 61 लाख 28 हजार 405 रुपये खर्च किए जाएंगे। विभागीय अधिकारियों के अनुसार यह पूरा कार्य पटना सिटी प्रमंडल की निगरानी में कराया जाएगा। सड़कों की खराब स्थिति को देखते हुए विभाग ने मरम्मत कार्य को प्राथमिकता दी है। योजना के तहत पांच सड़कों की मरम्मत 30 दिनों के भीतर पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि शेष छह सड़कों का कार्य 15 दिनों के अंदर पूरा करने की तैयारी है।  इस योजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा राष्ट्रीय राजमार्ग-30 फोरलेन से पुनाडीह-बैरिया मार्ग तक जाने वाली सड़क है, जो रानीपुर पैज्जावा होते हुए गुजरती है। यह सड़क लंबे समय से खराब स्थिति में थी, जिसके कारण स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। लगभग 6.10 किलोमीटर लंबी इस सड़क की मरम्मत दो चरणों में की जाएगी। पहले चरण में 14.68 लाख रुपये और दूसरे चरण में 14.48 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। विभाग का कहना है कि मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद इस मार्ग पर आवागमन काफी आसान और सुरक्षित हो जाएगा। इसी प्रकार पटना-गया राज्य मार्ग पर एलाहीबाग से डंपिंग यार्ड तक सड़क मरम्मत का कार्य भी जल्द शुरू किया जाएगा। करीब 4.75 किलोमीटर लंबी इस सड़क की मरम्मत दो भागों में होगी। पहले हिस्से पर 14.11 लाख रुपये तथा दूसरे हिस्से पर 14.54 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। यह मार्ग शहर के प्रमुख संपर्क मार्गों में शामिल है और यहां रोजाना बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग-30 बाइपास से मरचा-मार्च पथ तक, जो रानीपुर चकिया क्षेत्र से होकर गुजरता है, वहां भी सड़क मरम्मत की योजना बनाई गई है। करीब 2.50 किलोमीटर लंबी इस सड़क पर 14.64 लाख रुपये खर्च होंगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क खराब होने के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती थीं और यात्रा में काफी समय लगता था। कंसारी-डुमरी-राजघाट पथ, जो राज्य मार्ग-78 के अवशेष हिस्से में आता है, उसकी मरम्मत तीन चरणों में की जाएगी। इन तीनों चरणों पर क्रमशः 14.95 लाख, 14.94 लाख और 14.93 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस सड़क की हालत बेहद खराब हो चुकी थी और तत्काल मरम्मत की आवश्यकता थी। ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाली सादिकपुर-पवेड़ा-मसौढ़ी पथ से जैतित्या, गबासपुर, सतौली-बिंदौली होते हुए बीबीपुर तक जाने वाली सड़क पर भी मरम्मत कार्य कराया जाएगा। इस योजना पर लगभग 14.86 लाख रुपये खर्च होंगे। ग्रामीणों के अनुसार सड़क खराब होने के कारण स्कूल, बाजार और अस्पताल जाने में भारी दिक्कत होती थी। इसके अलावा जगनपुरा-चिपरा पथ और बिस्कोमान गोलंबर से विकास कॉलोनी तक की सड़क पर भी साधारण मरम्मत कार्य किया जाएगा। इन कार्यों के लिए करीब 14.13 लाख रुपये की राशि निर्धारित की गई है। विभाग ने इन सभी कार्यों को 15 दिनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। पथ निर्माण विभाग का कहना है कि सभी मरम्मत कार्य समयबद्ध और गुणवत्ता के आधार पर कराए जाएंगे। विभागीय अधिकारी लगातार निगरानी करेंगे ताकि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। सड़क मरम्मत पूरी होने के बाद शहर और ग्रामीण इलाकों में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और लोगों को जाम तथा खराब सड़कों की समस्या से राहत मिलेगी। स्थानीय लोगों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि वर्षों से खराब पड़ी सड़कों के कारण रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही थी। अब मरम्मत कार्य शुरू होने से उम्मीद जगी है कि राजधानी पटना की सड़क व्यवस्था पहले से अधिक बेहतर और सुरक्षित बनेगी।

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