August 13, 2026

एमएलसी चुनाव की टिकटों को लेकर राजद और माले में ठनी : 3 टिकट देने पर जताई आपत्ति, एक पर चाहती थी अपनी उम्मीदवारी

पटना। राष्ट्रीय जनता दल ने विधायक कोटे से भरी जानी वाली तीन सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी लेकिन सहयोगी पार्टी भाकपा माले ने इस पर आपत्ति जताई है। राजद ने कारी सोहैब, मुन्नी रजक और अशोक पांडेय को उम्मीदवार बनाया है। माले इसमें से एक सीट पर अपना उम्मीदवार चाहती थी। बताया जाता है कि इसके लिए राजद के साथ पहले से माले की बातचीत भी हो चुकी थी। माले के राज्य सचिव कुणाल ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि बिहार विधान परिषद की तीन सीटों के लिए राजद की ओर से एकतरफा प्रत्याशियों के नामों की घोषणा दुर्भाग्यपूर्ण है। यह गठबंधन की मर्यादा के प्रतिकूल है।
फैसले पर पुनर्विचार करें लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव : माले
जानकारी के अनुसार, माले के राज्य सचिव कुणाल ने कहा है कि इसके लिए बातचीत की प्रक्रिया जारी ही थी कि राजद ने एकतरफा प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी, जबकि एक सीट पर हमारा लंबे समय से दावा रहा है और इसे राजद स्वीकार भी करता रहा है। उन्होंने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से आग्रह किया है कि इस फैसले पर पुनर्विचार करें। वही ऐसे पहली बार नहीं हुआ है कि महागठबंधन के अंदर राजद ने एकतरफा फैसला उम्मीदवार उतारने के लिए लिया है। इससे पहले विधान सभा उपचुनाव में राजद ने कुशेश्वर स्थान में अपना उम्मीदवार दे दिया था जबकि कुशेश्वर स्थान की सीट विधान सभा चुनाव के समय कांग्रेस के पास थी। इसके बाद कांग्रेस ने भी अपना उम्मीदवार दे दिया। तारापुर व कुशेश्वर सहित बोचहां उपचुनावों में राजद और कांग्रेस का गठबंधन टूटा हुआ रहा।
माले नेताओं से बातचीत कर जल्द समाधान निकाला जाएगा : राजद
वही अब जब राजद ने तीनों सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी तब माले ने इस पर पुनर्विचार की मांग की है। इसे गठबंधन की मर्यादा के प्रतिकूल भी कहा है। भास्कर ने राजद प्रवक्ता चित्तरंजन गगन से बात की उन्होंने माले के आरोप पर कहा कि माले नेताओं से बात की जाएगी और बातचीत से समाधान निकाला जाएगा। माले कई मामलों में हार्डकोर पार्टी रही है। जमीन पर इसकी ताकत आंदोलन की वजह से अच्छी है। तीन सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा करते समय राजद ने माले को आखिर एक सीट क्यों नहीं दी यह राजद जाने लेकिन इससे गठबंधन पर कोई असर पड़ेगा इसकी कम उम्मीद है।

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