BIHAR : किसान बिल के विरोध में आप का दिल्ली से लेकर पटना तक विरोध प्रदर्शन, बताया ‘काला कानून’
पटना। भारी विरोध के बावजूद असंवैधानिक तरीके से संसद में पारित हुए किसान विरोधी अध्यादेश के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार को घेरने के लिए सड़क पर मंगलवार को राजधानी पटना के आयकर चौराहे के पास जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। उधर, किसान बिल के विरोध में आप सांसद संजय सिंह राज्यसभा परिसर में ही चादर और तकिया लेकर धरने पर बैठे। दूसरी तरफ आप ने बिहार सचिव श्रीवत्स पुरषोत्तम के नेतृत्व में राजधानी पटना में विरोध प्रदर्शन किया।

भाजपा सरकार के किसान विरोधी बिल पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता बबलू कुमार प्रकाश ने इसे काला कानून बताया और कहा कि किसानों की फसल की लागत का डेढ़ गुना मूल्य देने, किसानों की आय दोगुनी करने के वादे को पूरा करने में नाकाम मोदी सरकार किसानों को पूंजीपतियों का गुलाम बनाना चाहती है। उन्होंने कहा, आए दिन आत्महत्या कर रहे किसानों का दुख दर्द सुनने के बजाए, पूरे कृषि क्षेत्र को पूजीपतियों के हवाले करने की साजिश है यह किसान विरोधी बिल।
प्रदेश सचिव श्रीवत्स पुरुषोत्तम ने किसान बिल पर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि मोदी सरकार किसानों की आवाज को दबाना चाहती है। हम इसके खिलाफ मजबूती से लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र में बैठी भाजपा सरकार को उन 80 प्रतिशत लोगों की कोई चिंता नहीं है, जो गांव में रहते हैं और कृषि पर निर्भर हैं। एमएसपी आर्डिनेंस बिल इस बात का जीता जागता प्रमाण है। इस दौरान पार्टी नेता राजेश सिन्हा, चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. पंकज गुप्ता ने संबोधित किया। मौके पर चौधरी ब्रह्म प्रकाश यादव, अरुण रजक, राजेश सिन्हा, सुयश कुमार ज्योति, अर्जुन ठाकुर, उमा दफ़्तुआर, दिलीप झा, संजीव कुमार, अंजनी पोद्दार, शैल देवी, आदि मौजूद रहे।
बता दें रविवार को केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों के उपज, व्यापार और कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग से संबंधित दो विधेयक पेश किए थे, जिसका विरोध करते हुए आप के सांसद संजय सिंह ने इसे भारतीय जनतंत्र के लिए काला कानून कहा था, साथ ही सड़क से लेकर संसद तक इस विधेयक के विरोध में प्रदर्शन करने का ऐलान किया था। पूरे विपक्ष और सहयोगी अकाली दल के विरोध के बाद भी राज्यसभा से इस विधेयक को पास किए जाने के विरोध में सदन में जम कर हंगामा हुआ था।

