नीतीश सरकार में भी बड़ी भूमिका निभा चुकी हैं पुष्पम प्रिया चौधरी ‘सेल्फ डिक्लेयर्ड सीएम कैंडिडेट’,स्ट्रिक्टनेस से पूरा महकमा था वाकिफ
पटना।(बन बिहारी)खुद को आगामी 2020 के विधानसभा चुनाव में बतौर मुख्यमंत्री उम्मीदवार अपनी पार्टी प्लूरल्स के तरफ से प्रस्तुत करने वाली पुष्पम प्रिया चौधरी कल से ही मीडिया में सुर्खियां बटोर रही है।लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स की छात्रा रह चुकी पुष्पम प्रिया चौधरी महज 5 वर्ष पूर्व बिहार के नीतीश सरकार में भी अपनी भूमिका अदा कर चुकी है।प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2014-15 में बिहार राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अधीन बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इन्फ्राट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड में बतौर प्रोजेक्ट हेड पुष्पम प्रिया चौधरी ने योगदान दिया था। लेकिन लगभग सात-आठ माह के सेवा के बाद उन्होंने राज्य सरकार की सेवा छोड़कर विदेश की राह पकड़ ली।उस दौरान उनकी सेवा काल में उनके साथ कार्य कर चुके लोगों ने बताया कि बतौर सीईओ वे काफी अनुशासन प्रिय थीं। ‘स्ट्रिक्टनेस’ तो इतना ज्यादा था कि उनके मातहत हमेशा उनसे सहमे रहते थे। ज्ञातव्य हो कि प्लूरल्स पार्टी की अध्यक्ष पुष्पम प्रिया चौधरी बिहार के पूर्व विधान पार्षद तथा जदयू नेता विनोद चौधरी की बेटी है।उच्च शैक्षणिक योग्यता हासिल कर,विदेशों में सेवा क्षेत्र का अनुभव प्राप्त कर बिहार में बड़ी बदलाव की उम्मीद से राजनीतिक अखाड़े में कूदने का आगाज कर चुकी है।आगाज तो बेहतर है अंजाम खुदा जाने।मगर दो दिन के विज्ञापन तथा प्रचार अभियान से पुष्पम प्रिया चौधरी के हिस्से अच्छी खासी लोकप्रियता चली गई है।


