बिहार में मानसून की रफ्तार धीमी, गर्मी से बेहाल लोग; 21 जिलों में वर्षा और वज्रपात का अलर्ट

  • दक्षिण बिहार में 40 डिग्री से ऊपर पहुंचा तापमान, कैमूर रहा सबसे गर्म जिला
  • उत्तर बिहार में भारी वर्षा की चेतावनी, अगले 48 घंटों में मौसम के व्यापक बदलाव के संकेत

पटना। बिहार में मानसून की धीमी प्रगति के कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम का असामान्य स्वरूप देखने को मिल रहा है। एक ओर उत्तर बिहार के कुछ इलाकों में वर्षा की गतिविधियां बढ़ने लगी हैं, वहीं दूसरी ओर दक्षिण बिहार के कई जिले भीषण गर्मी और तेज धूप की चपेट में हैं। मौसम विभाग ने राज्य के 21 जिलों में वर्षा, मेघगर्जन और तेज हवा को लेकर पीला चेतावनी संकेत जारी किया है। इसके साथ ही अगले 48 घंटों में मौसम के व्यापक रूप से बदलने की संभावना जताई गई है।
आकाशीय बिजली से दो लोगों की मौत
अररिया जिले में बुधवार को तेज वर्षा के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। इस घटना ने एक बार फिर वर्षा ऋतु के दौरान वज्रपात के खतरे को उजागर कर दिया है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचने की अपील की है।
गर्मी का कहर, कई जिलों में 40 डिग्री के पार पारा
मानसून की कमजोर सक्रियता का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दे रहा है। बुधवार को कैमूर राज्य का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बक्सर में 41.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा पटना, छपरा, गया, औरंगाबाद, रोहतास, शेखपुरा और बक्सर समेत आठ जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना रहा। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों को दिनभर परेशानी का सामना करना पड़ा।
उत्तर बिहार में भारी वर्षा की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार 19 जून से पूरे बिहार में मौसम का प्रभाव अधिक व्यापक रूप से दिखाई देगा। उत्तर बिहार के जिलों के लिए नारंगी चेतावनी संकेत जारी किया गया है। पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण और सीतामढ़ी में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना व्यक्त की गई है। इसके अलावा राज्य के अधिकांश हिस्सों में मेघगर्जन, तेज हवा और वज्रपात को लेकर चेतावनी जारी की गई है। 20 जून को भी मौसम खराब बने रहने की संभावना है। मध्य और पूर्वी बिहार के कई जिलों में नारंगी चेतावनी संकेत जारी किया गया है, जबकि कुछ क्षेत्रों के लिए पीला चेतावनी संकेत प्रभावी रहेगा। भागलपुर, बांका और जमुई में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।
मानसून की धीमी चाल के पीछे वैज्ञानिक कारण
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बिहार में मौसम के अलग-अलग रूप के पीछे दो प्रमुख कारण हैं। पहला, मानसून अभी पूरे राज्य में समान रूप से सक्रिय नहीं हो पाया है। दूसरा, बादलों और नमी का वितरण असमान बना हुआ है। इसी कारण कुछ क्षेत्रों में अच्छी वर्षा हो रही है, जबकि अन्य इलाकों में तेज धूप और गर्म हवाओं का प्रभाव बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऊपरी वायुमंडल में हवाओं के असामान्य स्वरूप के कारण मानसून की प्रगति प्रभावित हुई है। पश्चिमी तीव्र वायु प्रवाह सामान्य स्थिति की तुलना में अधिक दक्षिण की ओर खिसक गया है, जिससे मानसून को आगे बढ़ाने वाली हवाओं की गति कमजोर पड़ गई है। हालांकि अगले कुछ दिनों में यह स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है, जिसके बाद मानसूनी गतिविधियां तेज हो सकती हैं।
विद्यालयों के समय में बदलाव
भीषण गर्मी को देखते हुए जमुई जिला प्रशासन ने विद्यालयों के संचालन समय में बदलाव किया है। 20 जून तक जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों, पूर्व-प्राथमिक विद्यालयों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में कक्षा पांच तक की पढ़ाई सुबह 10 बजे तक कराई जाएगी। वहीं कक्षा छह और उससे ऊपर की कक्षाओं का संचालन सुबह 11 बजे तक किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि विद्यार्थियों को लू और गर्मी से बचाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।
पटना में राहत की उम्मीद
राजधानी पटना सहित आसपास के क्षेत्रों में अगले 24 घंटों के दौरान आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम वर्षा तथा तेज हवा चलने का अनुमान व्यक्त किया है। इसके कारण तापमान में हल्की गिरावट आ सकती है और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग का मानना है कि यदि ऊपरी वायुमंडलीय परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो आने वाले दिनों में मानसून की सक्रियता बढ़ेगी और पूरे बिहार में वर्षा का दायरा विस्तृत होगा। फिलहाल राज्य के लोगों को गर्मी, वर्षा और वज्रपात जैसे मौसम के बदलते रूपों के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है।

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