कारगिल चौक पर सड़क हादसे के बाद बवाल: घायल युवक को लेकर उग्र भीड़ ने चालक की पिटाई की, पुलिस से भी हुई धक्का-मुक्की

  • दुर्घटना के बाद आधे घंटे तक कारगिल चौक बना तनाव का केंद्र, यातायात व्यवस्था हुई प्रभावित
  • घायल युवक का अस्पताल में इलाज जारी, पुलिस ने चालक को भीड़ से बचाया; घटना की जांच शुरू

पटना। राजधानी पटना के व्यस्ततम इलाकों में शामिल कारगिल चौक मंगलवार देर रात सड़क दुर्घटना के बाद अचानक तनाव और हंगामे का केंद्र बन गया। एक तेज रफ्तार कार की चपेट में आने से एक युवक घायल हो गया, जिसके बाद मौके पर मौजूद लोगों का गुस्सा भड़क उठा। देखते ही देखते घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोग जुट गए और आक्रोशित भीड़ ने कार चालक को वाहन से बाहर निकालकर उसकी पिटाई शुरू कर दी। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि बीच-बचाव करने पहुंची पुलिस टीम को भी लोगों के विरोध और धक्का-मुक्की का सामना करना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना रात के समय उस वक्त हुई जब कारगिल चौक पर सामान्य यातायात जारी था। दुर्घटना के बाद घायल युवक सड़क पर गिर पड़ा, जिसे देखकर आसपास मौजूद लोग तुरंत एकत्र हो गए। लोगों ने कार चालक पर लापरवाही से वाहन चलाने का आरोप लगाया और उसके खिलाफ आक्रोश व्यक्त करना शुरू कर दिया। कुछ ही मिनटों में भीड़ उग्र हो गई और चालक को वाहन से खींचकर बाहर निकाल लिया गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक चालक के साथ मारपीट का सिलसिला काफी देर तक चलता रहा। इस दौरान घटनास्थल पर अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई। राहगीर भी रुककर घटना को देखने लगे, जिससे भीड़ और बढ़ती चली गई। घटना की सूचना मिलते ही गांधी मैदान थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने भीड़ को शांत कराने और चालक को सुरक्षित निकालने का प्रयास किया, लेकिन लोगों का गुस्सा कम होने का नाम नहीं ले रहा था। कुछ लोगों ने पुलिस के साथ भी धक्का-मुक्की की और विरोध जताया। स्थिति को नियंत्रित करने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। करीब आधे घंटे तक कारगिल चौक पर तनावपूर्ण माहौल बना रहा। बाद में अतिरिक्त पुलिस बल की मदद से चालक को भीड़ के बीच से सुरक्षित निकाला गया। घायल युवक को तत्काल उपचार के लिए पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार घायल की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। गांधी मैदान थाना के पुलिस अवर निरीक्षक अभिषेक कुमार ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि कार में पिता और पुत्र सवार थे। दोनों मरीन ड्राइव क्षेत्र से अपने घर लौट रहे थे। जब उनकी कार कारगिल चौक के पास पहुंची तो अचानक सामने एक ई-रिक्शा और मोटरसाइकिल आ गई। उन्हें बचाने के प्रयास में कार का संतुलन बिगड़ गया और एक युवक वाहन की चपेट में आ गया। पुलिस अधिकारी के अनुसार दुर्घटना के बाद वहां मौजूद लोगों ने चालक और उसके पिता को घेर लिया तथा उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। मारपीट इतनी गंभीर थी कि दोनों अचेत हो गए। पुलिस ने दोनों को तत्काल गार्डिनर अस्पताल में भर्ती कराया। बाद में परिजन उन्हें एक निजी अस्पताल में ले गए। बताया जा रहा है कि घायल पिता एक सरकारी कर्मचारी हैं। घटना के दौरान भीड़ ने कार को भी नुकसान पहुंचाया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि लगभग 20 से 25 लोग चालक के साथ मारपीट कर रहे थे। कुछ लोगों ने उसे घसीटने की भी कोशिश की। इससे घटनास्थल पर मौजूद लोगों में भय और अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया। स्थानीय महिलाओं ने बताया कि घटना के समय इलाके में बिजली आपूर्ति बाधित थी, जिसके कारण कई लोग घरों के बाहर बैठे हुए थे। महिलाओं के अनुसार कुछ युवक गाली-गलौज कर रहे थे और लोगों को वहां से हटने के लिए कह रहे थे। इसी बीच विवाद बढ़ गया और मारपीट शुरू हो गई। आसपास बच्चों और बुजुर्गों की मौजूदगी के कारण स्थिति और अधिक चिंताजनक हो गई थी। पुलिस ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए हैं और आसपास लगे निगरानी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों तथा मारपीट में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर सड़क दुर्घटनाओं के बाद कानून को हाथ में लेने की प्रवृत्ति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि दुर्घटना की स्थिति में पुलिस और प्रशासन को सूचना देकर कानूनी प्रक्रिया का पालन करना चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की हिंसा और अराजकता से बचा जा सके। फिलहाल घायल युवक का उपचार जारी है और पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने तथा किसी भी घटना की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की है।

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