बिहार सरकार का बड़ा फैसला: अब गरीब परिवारों को मिलेगी मुफ्त बिजली, पहले चरण में 8 जिलों से शुरू होगी ‘सूर्य घर योजना’
पटना: बिहार सरकार प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर और गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवन यापन करने वाले परिवारों को एक बड़ी राहत देने की तैयारी में है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के तर्ज पर अब बिहार सरकार भी बीपीएल परिवारों के घरों की छतों पर मुफ्त में सोलर पैनल लगाने जा रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब परिवारों को महंगे बिजली बिल से निजात दिलाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

योजना की रूपरेखा और इसके विस्तार से जुड़ी मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
1. पहले चरण में चुने गए 8 जिले
इस योजना को पूरी मुस्तैदी से लागू करने के लिए बिहार सरकार ने पहले चरण में राज्य के 8 जिलों का चयन किया है। इन जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर काम शुरू किया जाएगा, ताकि इसके अनुभवों के आधार पर बाद में इसे पूरे राज्य में लागू किया जा सके।
नोट: शुरुआती चरण में इन चुनिंदा जिलों के बीपीएल कार्ड धारकों का सर्वे किया जाएगा और बिजली कंपनियों (NBPDCL और SBPDCL) के माध्यम से उनके घरों की छतों पर सोलर सिस्टम इंस्टॉल किए जाएंगे।
2. शून्य होगा बिजली का बिल
इस योजना के तहत मिलने वाले सोलर पैनल से गरीब परिवारों को न सिर्फ मुफ्त बिजली मिलेगी, बल्कि उनका बिजली बिल भी शून्य (Zero) हो जाएगा।
मुफ्त बिजली: हर महीने एक निश्चित यूनिट तक बिजली पूरी तरह मुफ्त मिलेगी।
अतिरिक्त कमाई का मौका: यदि सोलर पैनल से जरूरत से ज्यादा बिजली पैदा होती है, तो उसे ग्रिड को वापस बेचा जा सकेगा, जिससे इन परिवारों को अतिरिक्त आमदनी भी हो सकती है।
3. सरकार उठाएगी पूरा खर्च
आमतौर पर सोलर पैनल लगाने में आने वाला शुरुआती खर्च काफी अधिक होता है, जिसे गरीब परिवार वहन नहीं कर सकते। इसी को देखते हुए बिहार सरकार और केंद्र सरकार के समन्वय से इस योजना का पूरा खर्च (बेंचमार्क कॉस्ट) सब्सिडी और सरकारी फंड के जरिए उठाया जाएगा। लाभार्थियों को अपनी जेब से कोई बड़ी राशि नहीं देनी होगी।
योजना के मुख्य लाभ और प्रभाव
आर्थिक राहत: बीपीएल परिवारों के बजट का एक बड़ा हिस्सा बिजली बिल में चला जाता है। इस योजना से उनके पैसों की बचत होगी, जिसे वे शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च कर सकेंगे।
हरित ऊर्जा (Green Energy) को बढ़ावा: इससे बिहार में पारंपरिक बिजली (कोयले से बनने वाली) पर निर्भरता कम होगी और पर्यावरण को फायदा पहुंचेगा।
ग्रामीण इलाकों में निर्बाध बिजली: बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में, जहाँ कभी-कभार बिजली कटौती की समस्या होती है, वहाँ सोलर पैनल लगने से 24 घंटे बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।

