अनंत सिंह और गुंजन सिंह को अदालत से राहत बरकरार, गिरफ्तारी पर रोक 15 जून तक बढ़ी

  • वायरल वीडियो मामले में अगली सुनवाई 15 जून को, न्यायालय ने अंतरिम राहत जारी रखी
  • फोरेंसिक जांच रिपोर्ट का इंतजार, सरकार से निर्देश मिलने के बाद आगे बढ़ेगी कानूनी प्रक्रिया

पटना। मोकामा के विधायक अनंत सिंह और भोजपुरी गायक गुंजन सिंह को फिलहाल अदालत से बड़ी राहत मिली है। न्यायालय ने दोनों की गिरफ्तारी पर पूर्व में लगी रोक को बरकरार रखते हुए अगली सुनवाई तक अंतरिम संरक्षण जारी रखने का आदेश दिया है। अब इस बहुचर्चित मामले की अगली सुनवाई 15 जून को होगी। अदालत के इस निर्णय के बाद फिलहाल दोनों आरोपितों को राहत मिली है, हालांकि मामले का अंतिम निपटारा अभी होना बाकी है। यह मामला गोपालगंज जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमराव गांव में आयोजित एक कार्यक्रम से जुड़े वायरल वीडियो को लेकर दर्ज प्राथमिकी से संबंधित है। आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान हथियारों का प्रदर्शन किया गया था और आपत्तिजनक गीतों का प्रसारण भी हुआ था। वीडियो सामने आने के बाद यह मामला तेजी से चर्चा का विषय बन गया था और प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू की थी।जानकारी के अनुसार, 2 मई को आयोजित कार्यक्रम का वीडियो सामाजिक माध्यमों पर तेजी से प्रसारित हुआ था। वीडियो में कुछ लोगों द्वारा हथियार लहराने और सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान विवादित गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगाए गए थे। वीडियो वायरल होने के बाद मीरगंज थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले में विधायक अनंत सिंह, भोजपुरी गायक गुंजन सिंह तथा कई अन्य लोगों को नामजद आरोपित बनाया गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी जांच बाद में अपराध अनुसंधान विभाग को सौंप दी गई। जांच एजेंसी द्वारा वीडियो की सत्यता और उसमें दिखाई गई गतिविधियों की पड़ताल की जा रही है। इसी क्रम में वीडियो को वैज्ञानिक जांच के लिए भी भेजे जाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वायरल सामग्री वास्तविक है या उसमें किसी प्रकार का तकनीकी हस्तक्षेप किया गया है। सुनवाई के दौरान विधायक अनंत सिंह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश कुमार पाठक ने न्यायालय के समक्ष पक्ष रखा। उन्होंने अदालत को बताया कि जिस वीडियो की वैज्ञानिक जांच कराई जा रही है, उसकी रिपोर्ट अभी तक न्यायालय में प्रस्तुत नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा और आरोपितों को कानूनी संरक्षण मिलना चाहिए। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने अभियोजन पक्ष से भी मामले की प्रगति और जांच से जुड़ी जानकारी मांगी। इस पर अभियोजन पक्ष की ओर से बताया गया कि मामले में बिहार सरकार से आवश्यक निर्देश प्राप्त किए जाने हैं तथा वैज्ञानिक जांच से संबंधित रिपोर्ट भी जल्द उपलब्ध कराई जाएगी। अभियोजन पक्ष ने अदालत से अतिरिक्त समय की मांग की ताकि आवश्यक दस्तावेज और जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की जा सके। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई 15 जून के लिए निर्धारित कर दी। साथ ही विधायक अनंत सिंह, गायक गुंजन सिंह तथा अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी पर लगी रोक को भी उसी तिथि तक बढ़ा दिया गया। इसका अर्थ है कि अगली सुनवाई तक किसी भी आरोपित की गिरफ्तारी नहीं की जाएगी और पूर्व में प्रदान की गई अंतरिम राहत प्रभावी रहेगी। राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। अनंत सिंह बिहार की राजनीति का चर्चित चेहरा रहे हैं, जबकि गुंजन सिंह भोजपुरी संगीत जगत के लोकप्रिय कलाकारों में गिने जाते हैं। ऐसे में दोनों के नाम इस मामले में आने के बाद यह प्रकरण प्रदेशभर में चर्चा का विषय बन गया है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी सुनवाई इस मामले के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। यदि वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट और सरकार की ओर से मांगी गई जानकारी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर दी जाती है, तो मामले की दिशा और आगे की कानूनी प्रक्रिया स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल अदालत द्वारा दी गई राहत ने आरोपित पक्ष को अस्थायी राहत जरूर प्रदान की है, लेकिन अंतिम निर्णय अभी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है। अब सभी की निगाहें 15 जून को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हुई हैं। उस दिन प्रस्तुत होने वाली जांच रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय आगे की कार्रवाई तय करेगा। तब तक यह मामला राजनीतिक, कानूनी और सामाजिक स्तर पर चर्चा का केंद्र बना रहेगा।

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