खान सर पर दर्ज प्राथमिकी के बाद बढ़ा सियासी और कानूनी घमासान, गिरफ्तारी को लेकर देर रात तक चला पुलिस का अभियान

  • हत्या के प्रयास और शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज, पुलिस की लगातार छापेमारी के बीच कोचिंग परिसर के बाहर डटे रहे छात्र
  • खान सर ने फायरिंग को बताया आत्मरक्षा का कदम, कहा- सुरक्षाकर्मी ने छात्रों और संस्थान की सुरक्षा के लिए उठाया कदम

पटना। राजधानी पटना में चर्चित शिक्षाविद् फैसल खान उर्फ खान सर और उनके कोचिंग संस्थान से जुड़ा विवाद लगातार गहराता जा रहा है। कोचिंग परिसर में हुई फायरिंग और हिंसक घटनाओं के बाद दर्ज प्राथमिकी के 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद खान सर की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इस बीच पुलिस और छात्रों के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। देर रात तक पुलिस की कई गाड़ियां अलग-अलग समय पर कोचिंग संस्थान पहुंचती रहीं, जबकि बड़ी संख्या में छात्र परिसर के बाहर डटे रहे। जानकारी के अनुसार, पुलिस लगातार सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से छात्रों से वहां से हटने और अपने घर लौटने की अपील करती रही, लेकिन छात्र पूरी रात कोचिंग परिसर के बाहर जमे रहे। छात्रों का कहना था कि वे अपने शिक्षक के समर्थन में वहां मौजूद हैं। दूसरी ओर, खान सर को जानने वाले कुछ लोगों का दावा है कि वह कोचिंग परिसर के भीतर ही मौजूद हैं, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि वह वहां नहीं हैं। इस बीच उनके छात्रों को भेजे गए एक संदेश में अगले दिन भी निर्धारित समय पर कक्षा संचालित होने की जानकारी दी गई, जिससे अटकलों का दौर और तेज हो गया। मामले की शुरुआत 2 जून की रात हुई घटना से जुड़ी है। उस रात पटना स्थित खान सर के कोचिंग संस्थान पर हमला होने का आरोप लगाया गया था। घटना के दौरान परिसर में तोड़फोड़, मारपीट और तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। बाद में एक वीडियो सामने आया, जिसमें खान सर के सुरक्षाकर्मी फायरिंग करते दिखाई दिए। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने दोनों सुरक्षाकर्मियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने बताया कि उन्हें गोली चलाने के लिए कहा गया था। इसी बयान के आधार पर पुलिस ने खान सर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 तथा शस्त्र अधिनियम के अंतर्गत मामला दर्ज किया है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार इस धारा के तहत दोष सिद्ध होने पर दस वर्ष तक की सजा और आर्थिक दंड का प्रावधान है। साथ ही इस प्रावधान के अंतर्गत अग्रिम जमानत प्राप्त करना भी कठिन माना जाता है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। शुक्रवार को कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा के लिए पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में पूरे मामले की समीक्षा की गई तथा भविष्य की रणनीति पर चर्चा हुई। पुलिस अधिकारियों ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की कि वे किसी भी अफवाह या भड़काऊ प्रचार से प्रभावित न हों और शांति बनाए रखें। उधर, खान सर ने पूरे मामले में अपनी सफाई देते हुए फायरिंग को आत्मरक्षा का कदम बताया है। उनका कहना है कि उस दिन कोचिंग परिसर में स्थिति अत्यंत तनावपूर्ण थी और सुरक्षाकर्मी पर हमला किया गया था। उन्होंने कहा कि पुलिस को घटनास्थल तक पहुंचने में समय लगना स्वाभाविक था और तब तक सुरक्षा की जिम्मेदारी सुरक्षाकर्मियों पर ही थी। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी सुरक्षाकर्मी पर हमला हो रहा हो तो वह अपनी और दूसरों की रक्षा के लिए क्या करेगा। हाल ही में सामने आए एक वीडियो में खान सर अपने छात्रों को घटना की पूरी जानकारी देते दिखाई दिए। वीडियो में उन्होंने निगरानी कैमरे की रिकॉर्डिंग दिखाते हुए दावा किया कि उनके सुरक्षाकर्मी को बेरहमी से पीटा गया था और घटना में शामिल कुछ लोगों की गिरफ्तारी अब तक नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले का मूल मुद्दा कहीं न कहीं भटकाने की कोशिश की जा रही है। खान सर ने अपने छात्रों को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि उनका उद्देश्य केवल शिक्षा को सुलभ बनाना है। उन्होंने दावा किया कि यदि उनका संस्थान बंद हो गया तो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले कई संस्थानों की फीस में भारी वृद्धि हो सकती है। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य आर्थिक लाभ कमाना नहीं, बल्कि कम खर्च में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। इस पूरे घटनाक्रम ने शिक्षा जगत, छात्र समुदाय और राजनीतिक गलियारों में व्यापक चर्चा छेड़ दी है। एक ओर पुलिस कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ा रही है, वहीं दूसरी ओर छात्रों का एक बड़ा वर्ग खुलकर खान सर के समर्थन में सामने आया है। अब सभी की निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं। फिलहाल राजधानी पटना में यह मामला कानून, शिक्षा और जनसमर्थन के बीच उभरते एक बड़े विवाद के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और अदालत में होने वाली कार्यवाही से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस चर्चित मामले का अंतिम परिणाम क्या होगा।

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