3 जून से महंगा होगा बस सफर, बिहार में सिटी बस किराए में बढ़ोतरी की तैयारी
- डीजल, रखरखाव और परिचालन लागत बढ़ने का हवाला देकर बिहार राज्य पथ परिवहन निगम ने लिया फैसला
- पटना, बिहटा, बिहारशरीफ और नवादा रूटों पर यात्रियों की जेब पर बढ़ेगा बोझ, नई किराया सूची आज जारी होने की संभावना
पटना। बिहार में सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने वाले लाखों यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम ने अपनी नगर बस सेवाओं के किराए में बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है। नई दरें 3 जून से लागू हो सकती हैं। इस फैसले के बाद राजधानी पटना समेत राज्य के विभिन्न शहरों में बस से यात्रा करने वाले लोगों को पहले की तुलना में अधिक किराया देना पड़ेगा। निगम की ओर से मिली जानकारी के अनुसार विभिन्न मार्गों पर किराए में दो रुपये से लेकर पांच रुपये तक की वृद्धि प्रस्तावित है। संशोधित किराया सूची जारी होने के बाद नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी जाएंगी। इसके तहत यात्रियों से दूरी के आधार पर नया किराया वसूला जाएगा। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के अधिकारियों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में डीजल की कीमतों में लगातार वृद्धि हुई है। इसके अलावा बसों के रखरखाव, मरम्मत, कलपुर्जों की खरीद, कर्मचारियों के वेतन और अन्य परिचालन खर्चों में भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके बावजूद लंबे समय से बस किराए में कोई बदलाव नहीं किया गया था। बढ़ती आर्थिक चुनौतियों को देखते हुए निगम ने अब किराया संशोधित करने का निर्णय लिया है। अधिकारियों के अनुसार निगम की वित्तीय स्थिति को संतुलित बनाए रखने और बस सेवाओं का नियमित संचालन सुनिश्चित करने के लिए यह कदम आवश्यक हो गया था। उनका कहना है कि किराया वृद्धि से प्राप्त अतिरिक्त राजस्व का उपयोग बसों की गुणवत्ता सुधारने, रखरखाव को बेहतर बनाने तथा यात्रियों को अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित यात्रा उपलब्ध कराने में किया जाएगा। इस निर्णय का सबसे अधिक प्रभाव उन लोगों पर पड़ेगा जो प्रतिदिन बसों से सफर करते हैं। कार्यालय जाने वाले कर्मचारी, विद्यालय और महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं, छोटे व्यवसायी तथा दैनिक यात्रियों को हर महीने अपने परिवहन बजट में अतिरिक्त राशि खर्च करनी पड़ सकती है। राजधानी पटना में हजारों लोग रोजाना नगर बस सेवाओं का उपयोग करते हैं और उनके लिए यह बढ़ोतरी सीधे आर्थिक बोझ बढ़ाने वाली साबित हो सकती है। निगम द्वारा जारी प्रारंभिक जानकारी के अनुसार गांधी मैदान से विभिन्न प्रमुख स्थानों तक जाने वाले मार्गों के किराए में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। वर्तमान में गांधी मैदान से अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, दानापुर और पटना सिटी तक का किराया 25 रुपये है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद यह बढ़कर लगभग 29 से 30 रुपये तक पहुंच सकता है। इसी प्रकार गांधी मैदान से बिहटा तक का वर्तमान किराया 62 रुपये है, जो बढ़कर 70 से 71 रुपये होने की संभावना है। वहीं बिहारशरीफ जाने वाले यात्रियों को वर्तमान 116 रुपये के स्थान पर लगभग 133 से 135 रुपये तक किराया देना पड़ सकता है। नवादा मार्ग पर भी यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। वर्तमान 165 रुपये का किराया बढ़कर लगभग 189 से 190 रुपये तक पहुंच सकता है। परिवहन विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती ईंधन कीमतों और महंगाई के इस दौर में सार्वजनिक परिवहन संस्थाओं के लिए आर्थिक संतुलन बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है। हालांकि किराया वृद्धि से यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, लेकिन यदि इससे बस सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होता है और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलती हैं, तो इसका सकारात्मक प्रभाव भी देखने को मिल सकता है। निगम ने यात्रियों से अपील की है कि नई दरें लागू होने के बाद यात्रा शुरू करने से पहले अपने मार्ग का संशोधित किराया अवश्य जांच लें। सभी नगर बसों और प्रमुख बस स्टॉपों पर नई किराया सूची उपलब्ध कराई जाएगी ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। फिलहाल यात्रियों की निगाहें निगम द्वारा जारी की जाने वाली अंतिम किराया सूची पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि आज नई दरों की आधिकारिक घोषणा के साथ ही बिहार के सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र में एक नया बदलाव देखने को मिलेगा। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि किराया वृद्धि का असर यात्रियों और निगम दोनों पर किस रूप में पड़ता है।


