बिहार में फिर बढ़ेगी तपिश, छह जिलों में लू का अलर्ट; मानसून से पहले झुलसाने वाली गर्मी की चेतावनी

  • बक्सर, भोजपुर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद और अरवल में अगले दो दिनों तक लू चलने की आशंका, तापमान 45 डिग्री के पार
  • प्री-मानसून गतिविधियां जारी, लेकिन जून के शुरुआती दिनों में बारिश की रफ्तार धीमी रहने के संकेत

पटना। बिहार में कुछ दिनों की राहत के बाद एक बार फिर भीषण गर्मी लौटने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों के लिए लू का अलर्ट जारी करते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। विभाग के अनुसार तीन और चार जून को बक्सर, भोजपुर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद तथा अरवल जिलों में लू चलने की संभावना है। इसके साथ ही अगले दो से तीन दिनों के दौरान तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि दर्ज की जा सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि दक्षिण और पश्चिम बिहार के जिलों में गर्मी का प्रभाव सबसे अधिक रहेगा। इन क्षेत्रों में दिन के समय तेज धूप के साथ गर्म पछुआ हवाएं चलेंगी, जिससे लोगों को वास्तविक तापमान से अधिक गर्मी का अनुभव हो सकता है। कई स्थानों पर हवा की रफ्तार 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है, जो लू जैसी परिस्थितियां पैदा कर सकती है। राजधानी पटना सहित आसपास के क्षेत्रों में भी तापमान तेजी से बढ़ने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में पटना का अधिकतम तापमान 43 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। हालांकि सोमवार को राजधानी का अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, लेकिन हवा में मौजूद नमी के कारण उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। पिछले 24 घंटों के दौरान कैमूर जिला राज्य का सबसे गर्म क्षेत्र रहा, जहां अधिकतम तापमान 40.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं डेहरी क्षेत्र में भी तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहा। मौसम विभाग का मानना है कि यदि गर्म हवाओं का प्रभाव इसी प्रकार बना रहा तो कई जिलों में तापमान और बढ़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार मई महीने में बिहार में सामान्य से 96 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई थी, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली थी। हालांकि जून महीने की शुरुआत के साथ ही वर्षा की गतिविधियों में कमी आने की संभावना जताई जा रही है। इस कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक बना रह सकता है। सामान्य तौर पर जून महीने में बिहार में लगभग 163.3 मिलीमीटर वर्षा होती है, लेकिन शुरुआती दिनों में वर्षा की रफ्तार धीमी रहने की आशंका व्यक्त की गई है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। इस दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और धूप से बचाव के उपाय अपनाने को कहा गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का भी कहना है कि लगातार बढ़ती गर्मी के कारण शरीर में पानी की कमी, अत्यधिक पसीना, थकान और निर्जलीकरण जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। विशेषज्ञों का सुझाव है कि गर्मी के मौसम में पारंपरिक भारतीय खानपान में शामिल प्राकृतिक शीतल खाद्य पदार्थों का सेवन किया जाना चाहिए। नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी, बेल का शरबत और मौसमी फलों का उपयोग शरीर को ठंडा रखने में मदद कर सकता है। साथ ही हरी पत्तेदार जड़ी-बूटियां और घरेलू पेय पदार्थ भी गर्मी से राहत देने में सहायक साबित हो सकते हैं। इस बीच मानसून को लेकर भी सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून इस बार सामान्य समय के आसपास बिहार पहुंच सकता है। आमतौर पर मानसून 10 से 15 जून के बीच राज्य में प्रवेश करता है। बंगाल की खाड़ी और दक्षिण भारत में सक्रिय मौसमी प्रणालियों के कारण पूर्वी भारत में नमी बढ़ रही है, जिससे प्री-मानसून गतिविधियां तेज हुई हैं। राज्य के कई हिस्सों में हाल के दिनों में आंधी, बारिश और बादलों की गतिविधियां देखी गई हैं। हालांकि फिलहाल इनका प्रभाव सीमित है और गर्मी से व्यापक राहत मिलने की संभावना कम है। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून के बिहार पहुंचने तक लोगों को गर्मी और उमस दोनों का सामना करना पड़ सकता है। समस्तीपुर सहित उत्तर बिहार के कई जिलों में भी मौसम गर्म बना हुआ है। यहां सुबह से तेज धूप निकलने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पिछले 24 घंटों के दौरान समस्तीपुर में अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दिन बिहार के लिए मौसम की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहेंगे। एक ओर लू और बढ़ती गर्मी लोगों की परीक्षा लेगी, वहीं दूसरी ओर मानसून की आहट राहत की उम्मीद भी जगाए रखेगी। फिलहाल लोगों को सावधानी और सतर्कता के साथ मौसम के बदलते मिजाज का सामना करने की सलाह दी गई है।

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