सात निश्चय में महासेंध: ‘हर घर नल का जल’ योजना का 124 करोड़ रिशु श्री की कंपनियों को मिला

अमृतवर्षा ब्यूरो, पटना। बिहार के सबसे चर्चित टेंडर घोटाले के मुख्य आरोपी रिशु श्री को लेकर जांच एजेंसियों के गलियारे से रोज नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। अब जो ताजा जानकारी निकलकर सामने आई है, उसने इस पूरे सिंडिकेट के दुस्साहस को उजागर कर दिया है। सरकार की महत्वाकांक्षी ‘सात निश्चय योजना’ भी इस टेंडर माफिया की गिद्ध दृष्टि से अछूती नहीं रही। सूत्रों के मुताबिक, ‘हर घर नल का जल’ परियोजना के तहत अटका हुआ 124 करोड़ का भारी-भरकम भुगतान कराने के लिए पूरी व्यवस्था को ही बंधक बना लिया गया था। जांच एजेंसियों के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सात निश्चय योजना के तहत सूबे के विभिन्न नगर निकायों में ‘हर घर नल का जल’ योजना का जिम्मा रिशु श्री और उससे जुड़ी कंपनियों के पास था। जमीन पर काम पूरा किए बिना ही करोड़ों के वारे-न्यारे करने की तैयारी थी, लेकिन निकायों के तैनात इंजीनियरों ने इस अधूरी योजना का फाइनल बिल पास करने से साफ इनकार कर दिया था। 124 करोड़ का पेमेंट फंसने के बाद रिशु श्री ने उस ‘रिमोट कंट्रोल’ का इस्तेमाल किया, जो उसने सचिवालय से लेकर सत्ता के शीर्ष तक बना रखा था। अमृतवर्षा इस महाघोटाले के अंतिम छोर तक अपनी पैनी नजर बनाए रखेगा।

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