राबड़ी आवास विवाद पर सियासत तेज, नोटिस के बाद सरकार और राजद आमने-सामने

  • 10 सर्कुलर रोड खाली करने के निर्देश का लालू परिवार ने किया विरोध, तेजप्रताप और रोहिणी आचार्य ने सरकार को घेरा
  • सरकार ने नियमों का हवाला दिया, मंत्री नंदकिशोर राम बोले- विधिवत आवंटित आवास पर मेरा अधिकार

पटना। बिहार की राजनीति में इन दिनों पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास को लेकर नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। राजधानी पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड आवास खाली करने के लिए भवन निर्माण विभाग द्वारा जारी नोटिस के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल और लालू प्रसाद यादव का परिवार इस मुद्दे पर खुलकर सरकार के विरोध में उतर आया है, जबकि सरकार और संबंधित विभाग इसे पूरी तरह प्रशासनिक और नियम आधारित प्रक्रिया बता रहे हैं। भवन निर्माण विभाग ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को तीसरी बार नोटिस जारी करते हुए 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने को कहा है। विभाग के अनुसार यह आवास अब बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित किया जा चुका है। विभाग का कहना है कि वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव के बाद राबड़ी देवी को 39 हार्डिंग रोड स्थित नया सरकारी आवास आवंटित कर दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने पुराना आवास खाली नहीं किया। इस मुद्दे पर लालू परिवार एकजुट दिखाई दे रहा है। जन जन जागरण दल के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि पूर्व मुख्यमंत्री होने के आधार पर राबड़ी देवी को आवास खाली करने का नोटिस दिया जा रहा है, तो यही नियम अन्य पूर्व मुख्यमंत्रियों पर भी लागू होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सबसे पहले पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपना सरकारी आवास खाली करना चाहिए। तेज प्रताप ने मांग की कि सरकार उन्हें भी 15 दिनों का नोटिस जारी करे। उनका कहना था कि जब अन्य पूर्व मुख्यमंत्री नियमों का पालन करेंगे, तब राबड़ी देवी भी इस विषय पर निर्णय लेंगी। वहीं राजद सुप्रीमो की पुत्री रोहिणी आचार्य ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने सामाजिक माध्यम मंच एक्स पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि सरकार में साहस है तो वह बलपूर्वक बंगला खाली करवाकर दिखाए। रोहिणी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जनता के वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस प्रकार की कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी, महंगाई और विकास जैसे विषयों पर सरकार विफल साबित हुई है, इसलिए विपक्ष को निशाना बनाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जा रही है। उनके अनुसार यह सुशासन नहीं बल्कि प्रतिशोध की राजनीति का उदाहरण है। इस मामले में पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह करते हुए कहा कि राबड़ी देवी का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन वरिष्ठ नेताओं और पूर्व मुख्यमंत्रियों के प्रति सम्मान बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि इस मुद्दे को संवेदनशीलता और परिपक्वता के साथ सुलझाया जाए। दूसरी ओर राबड़ी देवी ने स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी परिस्थिति में 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास खाली नहीं करेंगी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार को आवास खाली कराना है तो वह अपनी शक्ति का प्रयोग कर सकती है। उन्होंने व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी नए-नए मुख्यमंत्री बने हैं और यदि वे चाहें तो पुलिस बल बुलाकर आवास खाली करवा सकते हैं। इसी विवाद के बीच बीते दिनों सचिवालय अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अनु कुमारी पुलिस बल के साथ राबड़ी आवास पहुंची थीं। हालांकि बाद में अधिकारियों और राबड़ी देवी के बीच बातचीत हुई और मामला वहीं शांत हो गया। लेकिन इस घटनाक्रम ने राजनीतिक हलकों में चर्चाओं को और तेज कर दिया। उधर, मंत्री नंदकिशोर राम ने कहा कि उन्हें बिहार सरकार द्वारा नियमों के अनुसार यह आवास आवंटित किया गया है। उन्होंने कहा कि मंत्री बनने के बाद उनके पास कोई सरकारी आवास नहीं था, इसलिए सरकार ने उन्हें यह आवास प्रदान किया। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि आवास आवंटन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी इसे खाली नहीं किया जा रहा है। नंदकिशोर राम ने यह भी कहा कि वे अनुसूचित जाति समुदाय से आते हैं और जनता द्वारा निर्वाचित प्रतिनिधि हैं। उन्होंने कहा कि वे राज्य के विकास और पशुपालन क्षेत्र के उत्थान के लिए कार्य कर रहे हैं तथा उन्हें भी सरकारी सुविधाओं का वैधानिक अधिकार प्राप्त है। फिलहाल यह मामला केवल सरकारी आवास तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि बिहार की राजनीति में प्रतिष्ठा और शक्ति प्रदर्शन का विषय बन चुका है। आने वाले दिनों में सरकार और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर टकराव और बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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