पटना में एक माह तक चलेगा विशेष अतिक्रमण हटाओ अभियान, 9 संयुक्त टीमों को सौंपी गई जिम्मेदारी
- एक जून से 30 जून तक राजधानी और आसपास के नगर क्षेत्रों में चलेगी व्यापक कार्रवाई, प्रमुख मार्गों को अतिक्रमण मुक्त रखने का लक्ष्य
- बार-बार अतिक्रमण करने वालों पर प्राथमिकी दर्ज होगी, जुर्माना और जब्ती की कार्रवाई के साथ रोजाना होगी निगरानी
पटना। राजधानी पटना को जाम और अव्यवस्थित यातायात की समस्या से राहत दिलाने के लिए जिला प्रशासन ने एक बार फिर बड़े स्तर पर अतिक्रमण उन्मूलन अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. के निर्देश पर एक जून से पूरे जून माह तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत पटना नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न अंचलों के साथ-साथ नगर परिषद खगौल, फुलवारीशरीफ और दानापुर निजामत क्षेत्रों में भी अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार इस अभियान के लिए नौ संयुक्त टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों में प्रशासन, पुलिस, नगर निगम, यातायात पुलिस, परिवहन विभाग, राजस्व विभाग, पथ निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन सेवा, विद्युत विभाग, दूरसंचार विभाग, वन प्रमंडल तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मी शामिल रहेंगे। अभियान को बहु-एजेंसी मॉडल के तहत संचालित किया जाएगा ताकि समन्वित तरीके से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा सके। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे आपसी समन्वय और प्रभावी संवाद के माध्यम से अभियान को सफल बनाएं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थलों को अतिक्रमण मुक्त रखना जनहित में आवश्यक है और इसके लिए नियमित कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य केवल अतिक्रमण हटाना ही नहीं, बल्कि दोबारा अतिक्रमण को रोकना भी है। अभियान के दौरान राजधानी के कई महत्वपूर्ण मार्गों और चौराहों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। इनमें नेहरू पथ, सगुना मोड़ से दानापुर रेलवे स्टेशन तक का मार्ग, बोरिंग रोड, बोरिंग कैनाल रोड, अटल पथ, पटना स्टेशन रोड, कंकड़बाग मुख्य मार्ग, गांधी मैदान के आसपास का क्षेत्र, गांधी मैदान से दीघा और गांधी मैदान से पटना सिटी तक के प्रमुख मार्ग शामिल हैं। प्रशासन का लक्ष्य इन मार्गों को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त रखकर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाना है। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया है कि शहर के सभी महत्वपूर्ण टी-पॉइंट, गोलंबर और चौराहों को शून्य सहनशीलता क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाए। इन स्थानों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को प्रतिदिन कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। अभियान के तहत आदतन अतिक्रमणकारियों की पहचान कर उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोबारा अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ अनिवार्य रूप से प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। इसके साथ ही विशेष वाहन जांच अभियान भी चलाया जाएगा ताकि अवैध पार्किंग और सड़क पर यातायात बाधित करने वाली गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके। प्रशासन ने जेपी गंगा पथ, अटल पथ, अशोक राजपथ, डाकबंगला चौराहा, पटना जंक्शन, चिरैयाटांड़ पुल, राजा बाजार, कारगिल चौक, अनीसाबाद और सगुना मोड़ जैसे क्षेत्रों को विशेष निगरानी सूची में रखा है। इन क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जाएगी ताकि अतिक्रमण दोबारा न हो सके। अभियान के लिए प्रत्येक टीम में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, महिला बल, पुलिस बल और लाठी बल की तैनाती की गई है। नगर निकायों की ओर से कार्यपालक पदाधिकारी, नगर प्रबंधक, सफाई निरीक्षक और वीडियो रिकॉर्डिंग कर्मियों को भी शामिल किया गया है। पूरी कार्रवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाएगी ताकि पारदर्शिता बनी रहे। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि अतिक्रमण में प्रयुक्त सामानों की जब्ती की जाएगी तथा नियमानुसार आर्थिक दंड लगाया जाएगा। अस्थायी अतिक्रमण पर पांच हजार रुपये तक और स्थायी अतिक्रमण पर बीस हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। जिलाधिकारी ने कहा कि अतिक्रमण मुक्त सड़कों, फुटपाथों और सेवा मार्गों से न केवल यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि आम लोगों को भी सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि खाली कराई गई जगहों पर वृक्षारोपण और सौंदर्यीकरण का कार्य भी किया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि यह अभियान राजधानी के शहरी प्रबंधन को मजबूत करने और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।


