खगड़िया में वज्रपात से युवक की मौत, एक घायल, गांव में शोक
- खेत जाने के दौरान अचानक मौसम बिगड़ा, बिजली गिरने से मौके पर हुई मौत
- प्रशासन ने राहत का आश्वासन दिया, ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग उठाई
खगड़िया। बिहार के खगड़िया जिले में वज्रपात की घटना ने एक परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया। सदर प्रखंड के गंगौर थाना क्षेत्र अंतर्गत जहांगीरा पंचायत के सदानंदपुर कठौरा गांव में गुरुवार को आकाशीय बिजली गिरने से एक 25 वर्षीय युवक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक घायल हो गया। इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान मिथलेश कुमार के रूप में हुई है, जो बाबू साहेब साह के पुत्र थे। बताया जा रहा है कि मिथलेश अपने खेत की ओर गया था, तभी अचानक मौसम ने करवट ली और तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। इसी दौरान वज्रपात हुआ, जिसकी चपेट में आने से मिथलेश की मौके पर ही मौत हो गई। घटना इतनी अचानक हुई कि उसे संभलने का कोई अवसर नहीं मिल सका। घटना की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, जहां मिथलेश को मृत अवस्था में पाया गया। इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पोस्टमार्टम के बाद जब शुक्रवार को शव गांव लाया गया, तो परिजनों के बीच चीख-पुकार मच गई। गांव का माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया और लोगों की आंखें नम हो गईं। परिजनों के अनुसार मिथलेश अपने परिवार का मुख्य सहारा था। वह दो भाइयों और दो बहनों के बीच सबसे जिम्मेदार सदस्य माना जाता था। उसकी असामयिक मृत्यु से परिवार के सामने आर्थिक और सामाजिक संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने भी इस घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की है और परिवार की मदद के लिए आगे आने की बात कही है। इस घटना में एक अन्य युवक कुमोद कुमार भी घायल हो गए हैं, जो रामस्वरूप साह के पुत्र बताए जा रहे हैं। उन्हें तत्काल स्थानीय स्तर पर उपचार दिया गया और उनकी स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है। चिकित्सकों के अनुसार उन्हें प्राथमिक इलाज के बाद घर भेज दिया गया है। गंगौर थाना के प्रभारी श्याम सुंदर पासवान ने बताया कि यह एक प्राकृतिक आपदा का मामला है। पुलिस ने शव का आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर पोस्टमार्टम कराया और बाद में परिजनों को सौंप दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है और आपदा राहत के तहत सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द आर्थिक सहायता दी जाए, ताकि वे इस कठिन समय से उबर सकें। उनका कहना है कि इस तरह की घटनाओं में सरकारी मदद ही परिवार के लिए सबसे बड़ा सहारा होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि वज्रपात की घटनाएं मानसून और प्री-मानसून के दौरान अधिक होती हैं। ऐसे समय में लोगों को खुले स्थानों, खेतों और पेड़ों के नीचे जाने से बचना चाहिए। मौसम विभाग भी लगातार लोगों को सतर्क रहने की सलाह देता है, ताकि ऐसी घटनाओं से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि प्राकृतिक आपदाएं कितनी अचानक और गंभीर हो सकती हैं। जरूरत है कि लोग मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लें और सुरक्षा के उपाय अपनाएं। खगड़िया की यह घटना एक दुखद हादसा है, जिसने एक परिवार को अपूरणीय क्षति पहुंचाई है। अब सभी की नजर प्रशासन की ओर है कि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द राहत और सहायता उपलब्ध कराई जाए, जिससे वे इस कठिन समय में संभल सकें।


