मुंबई में संदिग्ध फूड पॉइज़निंग से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत, तरबूज खाने के बाद बिगड़ी हालत

  • दावत से लौटने के बाद आधी रात को खाया फल, सुबह होते-होते चारों की मौत
  • पुलिस जांच में जुटी, विशेषज्ञों ने गर्मियों में खाद्य पदार्थों के सेवन को लेकर दी चेतावनी

मुंबई। दक्षिणी मुंबई के पायधुनी इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक ही परिवार के चार लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में इस घटना को खाद्य विषाक्तता यानी फूड पॉइज़निंग से जोड़कर देखा जा रहा है। यह घटना 25 अप्रैल की रात की बताई जा रही है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। मृतकों की पहचान स्थानीय व्यापारी अब्दुल्ला डोकाडिया, उनकी पत्नी नसरीन और दो बेटियों आयशा तथा ज़ैनब के रूप में हुई है। परिवार के सभी सदस्य एक रिश्तेदार के यहां आयोजित दावत में शामिल होकर देर रात घर लौटे थे। जानकारी के अनुसार, दावत के दौरान सभी लोगों ने भोजन किया था और रात लगभग साढ़े दस बजे तक सब कुछ सामान्य था। बताया जा रहा है कि घर लौटने के बाद आधी रात को बच्चों को भूख लगने पर परिवार ने घर में रखा तरबूज काटकर खाया। इसके कुछ घंटों बाद, तड़के करीब पांच बजे सभी की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उन्हें तेज उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी, जिससे स्थिति तेजी से गंभीर हो गई। परिवार की हालत बिगड़ने पर पड़ोस के डॉक्टर को बुलाया गया, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद सभी को तुरंत जेजे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने चारों को मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद इलाके में शोक और भय का माहौल व्याप्त है। पुलिस के अनुसार, दावत में शामिल अन्य लोगों की तबीयत पूरी तरह सामान्य है, जिससे यह आशंका और मजबूत हो गई है कि तरबूज खाने के बाद ही परिवार के सदस्यों की तबीयत बिगड़ी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है और खाद्य नमूनों को परीक्षण के लिए भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मियों के मौसम में इस प्रकार की घटनाएं अक्सर सामने आती हैं, जब खाद्य पदार्थों के रख-रखाव में लापरवाही बरती जाती है। डॉक्टरों के अनुसार, कटे हुए या लंबे समय तक खुले में रखे फलों का सेवन स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। ऐसे फलों में बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं, जो शरीर में संक्रमण फैला सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि फल खरीदते समय उनकी गुणवत्ता और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। इसके अलावा, फलों को काटने के बाद तुरंत सेवन करना चाहिए और उन्हें लंबे समय तक खुले में नहीं छोड़ना चाहिए। यदि किसी फल में गंध या स्वाद में बदलाव महसूस हो, तो उसे खाने से बचना चाहिए। इस घटना ने एक बार फिर खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के महत्व को उजागर किया है। विशेष रूप से गर्मियों में लोगों को खाने-पीने की चीजों को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है। प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध खाद्य पदार्थ का सेवन करने से बचें और स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें। फिलहाल, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और प्रयोगशाला जांच के परिणामों के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह घटना वास्तव में खाद्य विषाक्तता के कारण हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी। यह घटना न केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि समाज के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है कि भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।

 

 

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