दिल्ली गोलीकांड को लेकर तेजस्वी का बीजेपी पर हमला, कहा- अब देश में बिहारी होना अपराध, अभिलंब मिले न्याय
- दिल्ली में बिहारी युवक की गोली मारकर हत्या, घटना पर सियासत तेज
- पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल, एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल
पटना। देश की राजधानी नई दिल्ली में एक बिहारी युवक की गोली लगने से मौत हो जाने की घटना ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। इस घटना में एक अन्य युवक भी गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसका इलाज जारी है। मृतक की पहचान खगड़िया निवासी 23 वर्षीय पांडव कुमार के रूप में की गई है। बताया जा रहा है कि गोली उसके सीने में लगी और पार होकर उसके साथ मौजूद दोस्त कृष्ण को भी लग गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद पूरे मामले को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं, खासकर पुलिस की भूमिका को लेकर। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह गोलीबारी पुलिस की कार्रवाई के दौरान हुई, हालांकि इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है। घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है। इस मामले को लेकर बिहार की राजनीति में भी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस घटना पर कड़ा बयान देते हुए केंद्र और राज्य सरकारों को घेरा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में “बिहारी होना” ही एक अपराध की तरह देखा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पांडव कुमार की हत्या केवल इसलिए कर दी गई क्योंकि वह बिहार से था। तेजस्वी यादव ने अपने बयान में यह भी कहा कि देश की राजधानी में जहां यह घटना हुई, वहां विभिन्न स्तरों पर सत्ता में भारतीय जनता पार्टी के प्रतिनिधि हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ऐसे मामलों में दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होगी या नहीं। उन्होंने इसे बेहद निंदनीय घटना बताते हुए कहा कि यह बिहार और बिहारवासियों के सम्मान पर सीधा आघात है। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि बिहार से होने वाले पलायन के पीछे वर्षों की नीतिगत विफलताएं हैं, जिसके कारण लोगों को रोजगार की तलाश में अन्य राज्यों में जाना पड़ता है। ऐसे में प्रवासी बिहारियों को कई बार भेदभाव और उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि मेहनतकश बिहारियों को सम्मान की जगह संदेह और नफरत की नजर से देखा जाता है, जो चिंता का विषय है। तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियों से मांग की है कि इस मामले की गहन और निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि न्याय में देरी नहीं होनी चाहिए और इस मामले में त्वरित कदम उठाए जाने चाहिए। वहीं, इस घटना को लेकर अभी तक संबंधित प्रशासन या पुलिस की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि सूत्रों के अनुसार, मामले की जांच शुरू कर दी गई है और पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर कानून व्यवस्था, पुलिस कार्रवाई की पारदर्शिता और प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा जैसे मुद्दों को केंद्र में ला दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं से सामाजिक तनाव बढ़ सकता है और इससे बचने के लिए पारदर्शी जांच और जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है। नई दिल्ली में हुई इस घटना ने न केवल एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में क्या निष्कर्ष निकलते हैं और प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।


