बिहार में अप्रैल में ही भीषण गर्मी का प्रकोप, कई जिलों में लू का अलर्ट

  • गया सबसे गर्म, तापमान 42.7 डिग्री के पार; 18 जिलों में पारा 40 से ऊपर
  • स्कूल समय में बदलाव, मौसम विभाग ने 45 डिग्री तक तापमान बढ़ने की चेतावनी दी

पटना। बिहार में इस वर्ष गर्मी ने समय से पहले ही अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। अप्रैल माह में ही राज्य के अधिकांश जिलों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है और कई स्थानों पर लू का असर महसूस किया जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र ने आने वाले दिनों में और भीषण गर्मी पड़ने की चेतावनी जारी की है, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, बुधवार को भोजपुर, अरवल, औरंगाबाद, रोहतास, कैमूर और बक्सर जिलों में लू को लेकर विशेष चेतावनी जारी की गई है। इन क्षेत्रों में दिन के समय तेज गर्म हवा चलने की संभावना जताई गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक यह स्थिति बनी रह सकती है और तापमान में और वृद्धि हो सकती है। राज्य के 18 जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। गया जिला सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा डेहरी में 42.6, शेखपुरा में 42.5, सासाराम में 41.9 और कैमूर में 41.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। राजधानी पटना और भागलपुर में भी तापमान 41.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि दर्ज की जा रही है। उदाहरण के तौर पर, गया में पिछले वर्ष 21 अप्रैल को तापमान 38.2 डिग्री था, जबकि इस वर्ष यह 42.7 डिग्री तक पहुंच गया है। इसी तरह पटना में पिछले वर्ष 37.5 डिग्री तापमान था, जो इस बार 41.5 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, खासकर दक्षिण और पश्चिम बिहार के जिलों में लू का प्रभाव अधिक रहेगा। पटना, गया, औरंगाबाद, रोहतास, बक्सर और भोजपुर जैसे जिलों में दोपहर के समय गर्म हवा चलने की संभावना है। इसके साथ ही रात के तापमान में भी अधिक गिरावट नहीं होगी, जिससे दिन और रात दोनों समय गर्मी का असर बना रहेगा। भीषण गर्मी के कारण जनजीवन पर असर साफ दिखाई दे रहा है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा छा जा रहा है और लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह मौसम अधिक परेशानी भरा साबित हो रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है। गर्मी के प्रभाव को देखते हुए कई जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। पटना में पांचवीं कक्षा तक के स्कूल सुबह 11:30 बजे तक और छठी से आठवीं तक की कक्षाएं 12:30 बजे तक संचालित की जा रही हैं। बक्सर में पहली से आठवीं तक की कक्षाएं दोपहर 12 बजे तक सीमित कर दी गई हैं। वहीं भोजपुर, शेखपुरा और बेगूसराय में भी स्कूलों के समय में परिवर्तन किया गया है, ताकि बच्चों को लू और तेज गर्मी से बचाया जा सके। मौसम विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि 27 और 28 अप्रैल को उत्तर-पूर्वी बिहार के कुछ जिलों जैसे किशनगंज, अररिया और सुपौल में हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि, पटना और गया जैसे क्षेत्रों में फिलहाल मौसम शुष्क रहने की संभावना है और गर्मी से राहत के आसार कम हैं। बिहार में इस वर्ष गर्मी का प्रकोप सामान्य से अधिक गंभीर रूप लेता नजर आ रहा है। आने वाले दिनों में यदि तापमान और बढ़ता है, तो यह स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है। ऐसे में प्रशासन और आम जनता दोनों को सतर्क रहने की आवश्यकता है, ताकि गर्मी से होने वाली समस्याओं से बचा जा सके।

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