दरभंगा से वाराणसी के बीच वंदे भारत ट्रेन की तैयारी तेज, दो रूटों पर मंथन
- समस्तीपुर-पटना मार्ग और मुजफ्फरपुर-छपरा मार्ग पर विचार, दूसरे रूट की संभावना अधिक
- उत्तर बिहार के यात्रियों को मिलेगा तेज और सुविधाजनक सफर, काशी यात्रा होगी आसान
पटना। बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच रेल संपर्क को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से दरभंगा से वाराणसी के बीच नई वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की तैयारी तेज हो गई है। रेलवे प्रशासन इस सेमी हाईस्पीड ट्रेन के परिचालन को लेकर सक्रिय रूप से योजना बना रहा है और इसके लिए संभावित रूट तय करने पर मंथन जारी है। रेलवे के समस्तीपुर मंडल के अधिकारियों के अनुसार, इस नई ट्रेन के लिए दो प्रमुख मार्गों पर विचार किया जा रहा है। पहला मार्ग दरभंगा से समस्तीपुर, बरौनी, मोकामा और पटना होते हुए वाराणसी तक का प्रस्तावित है। हालांकि इस मार्ग पर पहले से ही ट्रेनों की अधिक आवाजाही होने के कारण इसे कम संभावित विकल्प माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि अधिक यातायात दबाव के चलते इस रूट पर समय सारिणी तय करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। दूसरा और अधिक संभावित मार्ग दरभंगा से मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, हाजीपुर, छपरा और बलिया होते हुए वाराणसी तक का है। इस मार्ग पर ट्रेनों का दबाव अपेक्षाकृत कम है, जिससे नई वंदे भारत ट्रेन के लिए समय निर्धारण करना आसान हो सकता है। वर्तमान में इसी मार्ग को प्राथमिकता दी जा रही है और अधिकारियों के बीच समय सारिणी को लेकर चर्चा चल रही है। यदि यह ट्रेन मुजफ्फरपुर मार्ग से संचालित होती है, तो यह शहर के लिए तीसरी वंदे भारत एक्सप्रेस होगी। इससे पहले गोरखपुर से पाटलिपुत्र और जोगबनी से दानापुर के बीच चलने वाली वंदे भारत ट्रेनें भी मुजफ्फरपुर होकर गुजरती हैं। इस प्रकार मुजफ्फरपुर रेल नेटवर्क के लिहाज से एक महत्वपूर्ण केंद्र बनता जा रहा है। इस प्रस्तावित ट्रेन का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि उत्तर बिहार से वाराणसी जाने वाले यात्रियों की संख्या काफी अधिक है। खासकर काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के लिए हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस मार्ग से यात्रा करते हैं। वर्तमान में जयनगर से वाराणसी के बीच सीमित ट्रेनें उपलब्ध हैं, जिससे यात्रियों को काफी कठिनाई होती है। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सतीश कुमार ने पिछले वर्ष मुजफ्फरपुर दौरे के दौरान वाराणसी के लिए वंदे भारत ट्रेन चलाने का आश्वासन दिया था। उसी दिशा में अब दरभंगा से इस ट्रेन के संचालन की योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है। नई वंदे भारत एक्सप्रेस के शुरू होने से यात्रियों को कई तरह के लाभ मिलेंगे। यह ट्रेन अपनी तेज गति, आधुनिक सुविधाओं और आरामदायक यात्रा के लिए जानी जाती है। इससे यात्रा का समय कम होगा और यात्रियों को बेहतर अनुभव मिलेगा। साथ ही, क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापार और पर्यटन को गति मिलेगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि अंतिम निर्णय जल्द ही लिया जाएगा और इसके बाद ट्रेन के संचालन की तिथि तथा समय सारिणी की घोषणा की जाएगी। फिलहाल दोनों संभावित मार्गों के तकनीकी और संचालन संबंधी पहलुओं का अध्ययन किया जा रहा है। दरभंगा से वाराणसी के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस का प्रस्ताव उत्तर बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच संपर्क को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी नई गति मिलेगी।


