मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिले नीतीश कुमार, शराबबंदी पर सरकार का रुख साफ
- राजनीतिक हालातों पर हुई चर्चा, आवास पर जनसुनवाई में लोगों से मिले मुख्यमंत्री
- शराबबंदी जारी रखने का ऐलान, निशांत के संभावित मंत्रिमंडल प्रवेश पर भी प्रतिक्रिया
पटना। नई सरकार के गठन के बाद राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सरकारी आवास पर शुक्रवार को कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखने को मिले। एक ओर जहां मुख्यमंत्री ने आम लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं, वहीं दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उनसे मिलने उनके आवास पहुंचे। जानकारी के अनुसार, देशरत्न मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास पर दोनों नेताओं के बीच करीब 20 मिनट तक बातचीत हुई। इस दौरान राज्य के मौजूदा राजनीतिक हालातों पर चर्चा की गई। मुलाकात के बाद नीतीश कुमार मुस्कुराते हुए नजर आए और उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखकर आत्मीयता का संकेत दिया। इस मुलाकात को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान नीतीश कुमार ने राज्य के उपमुख्यमंत्रियों विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव से भी भेंट की। मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सामाजिक माध्यम मंच पर तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि उन्होंने जननेता नीतीश कुमार का स्वागत किया और उनसे मार्गदर्शन प्राप्त किया। मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित जनसंपर्क कार्यक्रम के दौरान एक युवक ने मुख्यमंत्री को अयोध्या के भगवान श्रीराम की प्रतिमा भेंट की। इस पर मुख्यमंत्री ने सम्मान स्वरूप उसे प्रणाम किया। इस दृश्य ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया। इधर, बिहार में नई सरकार बनने के साथ ही शराबबंदी को लेकर फिर से बहस तेज हो गई है। विभिन्न जनप्रतिनिधियों और नेताओं द्वारा इस नीति की समीक्षा की मांग उठाई जा रही है। इस पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य में शराबबंदी जारी रहेगी और इसमें कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा लिया गया था और इसकी सराहना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कर चुके हैं। ऐसे में इस नीति पर पुनर्विचार का कोई सवाल नहीं उठता है। उन्होंने कहा कि सरकार इस कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। हालांकि कुछ नेताओं ने इस मुद्दे पर अलग राय भी रखी है। मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने शराबबंदी को समाप्त करने की मांग करते हुए कहा कि इस नीति के बावजूद लोग शराब का सेवन कर रहे हैं और अवैध गतिविधियां बढ़ रही हैं। वहीं राष्ट्रीय लोक मोर्चा के विधायक माधव आनंद ने भी कहा कि शराबबंदी के कारण सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है और इसकी समीक्षा की जानी चाहिए। इन मांगों के बीच मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से सरकार का रुख सामने रख दिया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि फिलहाल शराबबंदी कानून में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री से नीतीश कुमार के पुत्र निशांत के संभावित मंत्रिमंडल में शामिल होने को लेकर भी सवाल किया गया। इस पर सम्राट चौधरी ने कहा कि यदि निशांत भविष्य में मंत्रिमंडल में शामिल होते हैं तो यह उनके लिए खुशी की बात होगी, लेकिन यह निर्णय पूरी तरह से नीतीश कुमार और उनके परिवार का निजी निर्णय है। इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि वे दिनभर अधिकारियों और कर्मचारियों से मुलाकात कर प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा करेंगे। इसके तहत मुख्यमंत्री सचिवालय में बैठकों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें विकास कार्यों और शासन व्यवस्था को लेकर चर्चा होगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास पर हुई यह मुलाकात और बयानबाजी बिहार की राजनीति में नए समीकरणों और सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करती है। जहां एक ओर नेतृत्व स्तर पर संवाद जारी है, वहीं सरकार अपनी नीतियों को लेकर स्पष्ट और दृढ़ नजर आ रही है।


